लेह में न्याय के नए द्वार खुले: CJI ने किया लद्दाख हाईकोर्ट बेंच का उद्घाटन, 21 अक्टूबर से शुरू होगी सुनवाई
भारत के मुख्य न्यायाधीश ने लेह में लद्दाख हाईकोर्ट बेंच का उद्घाटन किया, जिससे केंद्र शासित प्रदेश के लोगों को ...और पढ़ें

लद्दाख हाईकोर्ट बेंच का हुआ उद्घाटन।
HighLights
CJI ने लेह में लद्दाख हाईकोर्ट बेंच का उद्घाटन किया
21 अक्टूबर से 75 मामलों की सुनवाई शुरू होगी
लद्दाख के लोगों को न्याय अब घर बैठे मिलेगा
डिजिटल डेस्क, जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लोगों के लिए न्याय अब दूर नहीं रहा। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत ने रविवार को लेह में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट की नवनिर्मित लद्दाख बेंच का ऐतिहासिक उद्घाटन किया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एमएम सुंदरेश, जस्टिस पीएस नरसिम्हा, जस्टिस अरुण पल्ली, भारत के अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह भाटी, लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीश उपस्थित रहे।
75 केस लिस्टेड, 21 से सुनवाई
हाईकोर्ट प्रशासन के अनुसार लद्दाख बेंच पर मामलों की सुनवाई 21 अक्टूबर से शुरू होगी। इसके लिए कुल 75 मामलों को चिन्हित किया गया है। पहले दिन चीफ जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस संजय परिहार की खंडपीठ पांच मामलों की सुनवाई करेगी। इसके बाद जस्टिस परिहार गुरुवार और शुक्रवार को एकल पीठ में मामलों की सुनवाई करेंगे।
40 साल में पहली बार ऐसा
केंद्र सरकार ने अगस्त में इस बेंच को मंजूरी दी थी और हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को लेह को बेंच स्थल घोषित किया था। लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने इसे पिछले 40 साल में न्यायपालिका के इतिहास की सबसे बड़ी पहल बताया।
उन्होंने कहा कि अब लद्दाख के लोगों को रिट याचिका सहित अन्य मामलों के लिए श्रीनगर या जम्मू की लंबी और कठिन यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।
उल्लेखनीय है कि 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद लद्दाख अलग केंद्र शासित प्रदेश बना था, लेकिन अब तक हाईकोर्ट की केवल दो बेंच जम्मू और श्रीनगर में थीं। लेह बेंच के बनने से अब न्याय लोगों के द्वार तक पहुंचेगा।
