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लद्दाख में हाईकोर्ट बेंच के उद्घाटन में मुख्य अतिथि होंगे CJI सूर्यकांत, देश के अटॉर्नी जनरल भी रहेंगे मौजूद

Published: Sun, 18 Oct 2026 09:05 AM (IST)

देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत लेह में जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट की नवगठित लद्दाख बेंच का उद्घाटन करेंगे। इस ...और पढ़ें

लद्दाख में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना आज।

लद्दाख में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना आज।

HighLights

  1. CJI सूर्यकांत करेंगे लद्दाख हाईकोर्ट बेंच का उद्घाटन

  2. स्थानीय लोगों को अब घर के पास मिलेगा न्याय

  3. केंद्र सरकार की पहल पर दो माह में हुई स्थापना

राज्य ब्यूरो, जम्मू। देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत रविवार को लेह आएंगे और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट की नवगठित लद्दाख बेंच का उद्घाटन करेंगे।

लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने कहा कि केंद्र सरकार इस बात को समझती है कि लद्दाख का भौगोलिक क्षेत्र कितना दुर्गम है और यहां के लोगों को किन कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताना पड़ता है।

ऐसे में यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि लोगों को उनके घर के नजदीक न्याय उपलब्ध हो सके। लद्दाख में हाईकोर्ट की बेंच की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

लद्दाख पहुंचेंगे अटार्नी जनरल

आशीष कुंद्रा ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि मुख्य न्यायाधीश के साथ सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायाधीश, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तथा हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीश भी लद्दाख पहुंचेंगे।

इस दौरान देश के अटार्नी जनरल भी मौजूद रहेंगे। कुंद्रा ने कहा कि हाल के दशकों में देश के हाईकोर्ट के इतिहास को देखें तो इस तरह किसी बेंच की स्थापना का उदाहरण बहुत कम देखने को मिलता है।

अब नहीं जाना होगा जम्मू और श्रीनगर

उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों में गुवाहाटी हाईकोर्ट की बेंचों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में भी काम किया है, जहां इस प्रकार की व्यवस्था देखने को मिली थी।

मुख्य सचिव ने कहा कि अब तक लद्दाख के जिन लोगों को याचिका दायर करनी होती थी, उन्हें इसके लिए श्रीनगर या जम्मू जाना पड़ता था।

अब घर के पास मिलेगा न्याय

लद्दाख में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होने से स्थानीय लोगों को न्याय पाने के लिए अपने क्षेत्र में ही सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस बेंच की स्थापना महज दो माह के भीतर की गई है।

यह मांग लद्दाख के नेताओं की ओर से नहीं की गई थी बल्कि केंद्र सरकार ने अपनी पहल पर यह व्यवस्था की है। बताते चलें कि इस समय लद्दाख के राजनीतिक नेताओं और केंद्रीय गृह मंत्रालय के बीच विभिन्न मांगों को लेकर बातचीत जारी है।

लद्दाख के नेता विधानसभा वाले प्रदेश का दर्जा देने और संविधान के अनुच्छेद 371 के तहत संवैधानिक सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।

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