लद्दाख को मिला नया जिला, 5 नई तहसीलें... स्थानीय लोगों की तकदीर कैसे बदलेगा यह फैसला? पढ़ें 5 बड़े प्वाइंट
लद्दाख में सांकू को नया जिला बनाने और पांच नई तहसीलें गठित करने की घोषणा की गई है, जिससे अब ...और पढ़ें

लद्दाख को मिला नया जिला और नई तहसीलें (जागरण ग्राफिक्स)
HighLights
सांकू बना लद्दाख का आठवां जिला, पांच नई तहसीलें
सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच, विकास को बढ़ावा मिलेगा
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटन को भी लाभ होगा
डिजिटल डेस्क, जम्मू। पूर्ण राज्य के दर्जे सहित कई मांगों को लेकर चल रही केंद्र के साथ बातचीत के बीच लद्दाख के लोगों के लिए बीते शुक्रवार एक नया एलान हुआ। उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने केंद्रशासित प्रदेश में एक नया जिला बनाने के साथ पांच नई तहसीलें बनाने को मंजूरी दी।
इस तरह अब लद्दाख में आठ जिले हो गए और तहसीलों की संख्या 37 हो गई हैं। इस फैसले से केंद्रशासित प्रदेश में क्या-क्या बदलेगा और स्थानीय लोगों को कैसे इसका फायदा पहुंचेगा। आइए विस्तार से जानते हैं।
पांच नई तहसीलें कौन सी?
नई तहसीलों में शाम जिले की आर्यन वैली, कारगिल जिले की सोध, जंस्कार की फे, द्रास की थासगम और चांगथांग जिले की हिमया तहसील शामिल हैं। उपराज्यपाल ने लिखा कि यह कदम इस साल जुलाई में 17 नई तहसीलों के ऐतिहासिक गठन के बाद उठाया गया है, जिससे अब लद्दाख में कुल तहसीलों की संख्या 37 हो गई है।
नया जला कौन सा?
वहीं, उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने सांकू को एक नया जिला बनाने का भी एलान किया है। उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के सबका साथ, सबका विकास के विजन के अनुरूप सांकू ज़िले के गठन की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। सांकू लद्दाख का आठवां जिला होगा। पहले सात जिलो में लेह, कारगिल, शाम, नुब्रा, जांसक्र, द्रास और चांगथांग शामिल हैं।
लोगों को क्या होंगे फायदे?
लंबी यात्राओं और समय की बर्बादी से मिलेगा छुटकारा
पहले सांकू और आसपास के सुदूर इलाकों के लोगों को छोटे-छोटे सरकारी कामों जैसे आय प्रमाण पत्र, राजस्व दस्तावेज, विकास योजनाएं इत्यादि के लिए कारगिल जिला मुख्यालय तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। लेकिन सांकू के जिला बन जाने से अब लोगों को अत्यधिक दूरी का सामना नहीं करना पड़ेगा। अब जिला और तहसील स्तर के अधिकारी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रहेंगे।
सरकार सेवाएं लोगों तक पहुंचेंगी
नए जिले और तहसीलों के बन जाने से सांकू और आसपास के क्षेत्रों में जिला अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और तकनीकी केंद्र खोलने का रास्ता साफ होगा। वहीं, बजटीय आवंटन सीधे नए जिले को जारी होगा, जिसके इस्तेमाल से सड़कों की कनेक्टिविटी, बिजली-सप्लाई और पेयजल आदि बुनियादी सुविधाएं लोगों को मुहैया करवाना आसान हो जाएगा।
स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर
नए प्रशासनिक ढांचे के कारण नए सरकारी कार्यालय खुलेंगे। इससे युवाओं के लिए प्रशासनिक और सपोर्ट स्टाफ के पदों पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। वहीं,नए जिला मुख्यालय बनने से सांकू में बाजार का विस्तार होगा, जिससे दुकानदारों, ट्रांसपोर्टर्स और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों की आय बढ़ेगी।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
सांकू और सुरु वैली जैसे क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए दुनिया भर में फेमस है। जिला बनने के बाद यहां पर्यटन बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। जिससे स्थानीय लोगों को आर्थिक फायदा मिलेगा।
आपातकालीन स्थिति में तुरंत मिलेगी मदद
सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण लद्दाख के कई इलाके कट जाते हैं। स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन होने से आपातकालीन स्थिति या फिर प्राकृतिक आपदा के समय राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जा सकेंगे।
- प्रशासनिक ढांचे में किए गए इन बदलावों से लोगों को सरकारी सेवाएं लेने में आसानी होगी।
- विकास योजनाओं को तेजी से लागू करने में भी मदद मिलेगी।
- दूर-दराज और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
- लोगों की समस्याओं का समाधान आसान बनाने के लिए दुर्बुक के अतिरिक्त उपायुक्त की शक्तियां अब वहां के एसडीएम को सौंप दी गई हैं। इससे स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कामकाज को आसान बनाने में मदद मिलेगी।
