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Jammu-Kashmir News: कल जम्मू में लगेगा क्षीर भवानी मेला, मां के दर्शन को उमड़ेंगे कश्मीरी हिंदू

Jammu-Kashmir News जम्‍मू में कल क्षीर भवानी मेला लगेगा। इसमें शामिल होने के लिए शुक्रवार को करीब 4500 कश्मीरी हिंदू श्रद्धालु रवाना हुए। वहीं जो श्रद्धालु वहां नहीं जा पाए वे जम्मू के भवानी नगर इलाके में स्थित माता राघेन्या के दरबार में हाजिरी लगाएंगे।

By Jagran NewsEdited By: Himani SharmaPublished: Sat, 27 May 2023 09:50 AM (IST)Updated: Sat, 27 May 2023 09:50 AM (IST)
Jammu-Kashmir News: कल जम्मू में लगेगा क्षीर भवानी मेला, मां के दर्शन को उमड़ेंगे कश्मीरी हिंदू
कल जम्मू में लगेगा क्षीर भवानी मेला, मां के दर्शन को उमड़ेंगे कश्मीरी हिंदू

जागरण संवाददाता, जम्मू: कश्मीर के गांदरबल जिले के तुलमुला इलाके में रविवार को क्षीर भवानी माता के मंदिर परिसर में मेला लगेगा। इसमें शामिल होने के लिए शुक्रवार को करीब 4500 कश्मीरी हिंदू श्रद्धालु रवाना हुए। वहीं, जो श्रद्धालु वहां नहीं जा पाए, वे जम्मू के भवानी नगर इलाके में स्थित माता राघेन्या के दरबार में हाजिरी लगाएंगे। राघेन्या माता को ही क्षीर भवानी भी कहा जाता है। भवानी नगर में तुलमुला में स्थित क्षीर भवानी मंदिर की तर्ज पर माता राघेन्या का मंदिर बनाया गया है।

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इस मंदिर में तुलमुला के मंदिर की तरह ही पानी का कुंड भी बना है। रविवार को क्षीर भवानी माता के अवतरण दिवस के मौके पर यहां मेले का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में कश्मीर हिंदू श्रद्धालु शामिल होंगे। पिछले करीब 30 वर्ष से यहां मेले का आयोजन होता रहा है। जब वर्ष 1990 में कश्मीर में हालात खराब हुए तो बड़ी संख्या में वहां रहने वाले कश्मीरी हिंदुओं ने जम्मू समेत देश के विभिन्न इलाकों में रहने लगे।

कश्‍मीरी हिंदुओं की माता राघेन्‍या में है अपार आस्‍था

माता राघेन्या में कश्मीरी हिंदुओं की अपार आस्था है, ऐसे में उन्होंने वर्ष 1992 में भवानी नगर इलाके में मां राघेन्या का वैसा ही मंदिर बनाया, जैसा तुलमुला में है। तब से यहां हर साल ज्येष्ठ अष्टमी के दिन मां के अवतरण दिवस पर मेला लगता है। पनुन कश्मीर के प्रधान विरेंद्र रैना ने कहा कि जो श्रद्धालु ज्येष्ठ अष्टमी पर घाटी नहीं जा पाते, वे भवानी नगर में मां राघेन्या के मंदिर में आकर हाजिरी लगाते हैं।

आज अर्द्ध रात्रि से मंदिर में शुरू हो जाएगी पूजाजम्मू के भवानी नगर में स्थित मां राघेन्या के मंदिर में शनिवार अर्द्ध रात्रि बाद पूजा-अर्चना का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। कमेटी के सदस्य तेजकृष्ण भट्ट ने बताया कि अर्द्ध रात्रि को सबसे पहले माता की मूर्ति को स्नान करवाया जाएगा और वस्त्र बदले जाएंगे। उसके बाद मंदिर को लोगों के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा। शनिवार रात से ही लोग यहां पहुंचने लगेंगे। इस मौके पर मां के दरबार में 10 हजार दीपक प्रज्वलित किए जाएंगे। इनमें तेल भर दिया गया है।

श्रद्धालुओं के लिए यहां पांच वाटर कूलर स्थापित किए गए

माता के मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यहां पांच वाटर कूलर स्थापित किए गए हैं। प्रसाद के लिए दो काउंटर बनाए गए हैं। भीड़ पर नजर रखने के लिए यहां सीसीटीवी भी लगाए गए हैं। प्रशासन की तरफ से मंदिर के आसपास सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध किया जाएगा। फोटोकश्मीरी हिंदुओं के बिना घाटी अधूरी जम्मू में माता क्षीर भवानी मंदिर की कमेटी के सदस्य तेजकृष्ण कश्मीर के ढाची गांव के हरवन के रहने वाले हैं। अब वे जम्मू में रहते हैं। उनका कहना है कि वह दिन जरूर आएगा, जब सारे कश्मीरी हिंदू वापस घाटी लौटेंगे और अपनी जड़ों से जुड़ेंगे।

ज्येष्ठ अष्टमी पर तुलमुला जाने वाले श्रद्धालु वहां मां राघेन्या से सभी कश्मीरी हिंदुओं की घाटी वापसी करवाने के लिए प्रार्थना करेंगे। उन्होंने कहा कि वैसे तो अब भी बड़ी संख्या में कश्मीरी हिंदू तुलमुला जाते हैं, लेकिन 1990 से पहले की बात ही अलग थी। तब वे घाटी में ही रहते थे, ऐसे में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे। तेजकृष्ण भी साल पहले ज्येष्ठ अष्टमी पर तुलमुला गए थे और माता के दर्शन किए थे।

कश्मीरी हिंदुओं के बिना घाटी है अधूरी

वहीं, एचएन थपलू और पीएन पंडिता ने कहा कि कश्मीर हमारी हर धड़कन में है। कश्मीरी हिंदुओं के बिना घाटी अधूरी है। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द सभी विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं की घाटी वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए। तुलमुला रवाना होते समय रहा जश्न का माहौलगांदरबल जिले के तुलमुला इलाके में रविवार को लगने वाले क्षीर भवानी मेले में शामिल होने के लिए शुक्रवार को रवाना होते समय श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया।

नगरोटा से सौ से ज्यादा बसों में सवार होने से पहले विभिन्न भजनों पर श्रद्धालु नाचते-गाते नजर आए। माता राघेन्या की आराधना में गाए जाने वाले गीतों पर कश्मीरी हिंदू महिलाएं व पुरष थिरकते दिखे। महिलाओं का कहना था कि एक दिन मां राघेन्या विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं की घाटी वापसी जरूर करवाएंगी।


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