जम्मू में पानी से भरे खेतों में धान काटने को मजबूर किसान, मुआवजा न मिलने पर दी उग्र प्रदर्शन की चेतावनी
मौसम साफ होने के बाद मीरा साहिब के किसानों ने धान की कटाई शुरू कर दी है, हालांकि हाल की ...और पढ़ें
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बारिश ने बर्बाद कर दी धान की खेती।
HighLights
मौसम खुलने पर किसानों ने धान की कटाई शुरू की
बारिश-ओलावृष्टि से फसल को भारी नुकसान हुआ
किसान मुआवजे की मांग कर रहे, विरोध की चेतावनी
संवाद सहयोगी जागरण,मीरा साहिब। जम्मू के मीरा साहिब क्षेत्र में बारिश और ओलावृष्टि के बाद मौसम साफ होते ही किसानों ने धान की कटाई का काम शुरू कर दिया है।
खेतों में पानी भरा होने और अधिकांश फसल के पूरी तरह बर्बाद हो जाने के बावजूद किसान रबी की अगली फसल की तैयारी के लिए बची-खुची उपज समेटने में जुटे हैं।
किसान नेताओं का कहना है कि भारी नुकसान के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक किसी मुआवजा राशि का ऐलान नहीं किया गया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नुकसान का गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा न दिया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे।
बारिश से धान की खेती को पहुंचा नुकसान
क्षेत्र में मौसम साफ होते ही किसानों ने धान की कटाई का काम शुरू कर दिया है। हालांकि, खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है और लगातार बारिश के कारण धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
धान की कटाई के लिए मजबूर हैं किसान
किसानों का कहना है कि उनकी धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। इसके बावजूद वे अगली फसल की तैयारी के लिए धान की कटाई करने को मजबूर हैं, ताकि समय रहते रबी की फसल की बुवाई की जा सके।
किसान धर्मपाल चौधरी अमित सिंह राजेश कुमार गुलशन शर्मा आदि का कहना है कि पिछले दिनों लगातार हुई बारिश ओलावृष्टि के कारण उनकी दान की अधिकतर फसल बर्बाद हो चुकी है।
सरकार की ओर से नहीं की गई मुआवजे की घोषणा
जमीन में पानी भर गया उसके बावजूद अब तक उनका कोई भी मुआवजा राशि की घोषणा सरकार की ओर से नहीं की गई है इसके बावजूद अब उन्होंने अगली फसल भी भेजनी है इसी के चलते फसल की कटाई कर रहे हैं लेकिन इससे उन्हें कोई ज्यादा फायदा नहीं होने वाला क्योंकि अधिकतर फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है लेकिन जो कुछ बचा है उसको वह जल्द से जल्द समेट कर अपने घर में ले जाना चाहते हैं।
किसानों की सरकार से मुआवजे की अपील
किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि फसल के नुकसान का जल्द आकलन कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे आर्थिक संकट से उबरकर अगली फसल की बुवाई कर सकें।
किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द खराब हुई फसल का उन्हें उचित मुआवजा राशि देने की घोषणा सरकार की ओर से नहीं की जाती है तो आने वाले दिनों में किस सड़क पर उतरकर बड़ा विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएंगे। मीरा साहिब के गांव गाजिया में मौसम खुलने के बाद धान की कटाई में जुटे हुए किसान।
