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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 30, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Srinagar Encounter: बड़े हमले की योजना बना रहे थे तीनों आतंकी, मुठभेड़ में मार गिराए गए: GoC HS Sahi

By Rahul SharmaEdited By:
Published: Wed, 30 Dec 2020 02:46 PM (IST)Updated: Wed, 30 Dec 2020 03:24 PM (IST)

जीओसी साही ने बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान उत्तरी कश्मीर में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में पाकिस्तानी आतंकी समेत ...और पढ़ें

आतंकवादी श्रीनगर-बारामुला हाईवे पर हमले की फिराक में हैं।
आतंकवादी श्रीनगर-बारामुला हाईवे पर हमले की फिराक में हैं।

श्रीनगर, जेएनएन। सुरक्षाबलों की सतकर्ता और मजबूत सूचना तंत्र ने एक बार फिर आतंकवादियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। श्रीनगर-बारामुला पर बड़े हमले की याेजना बना रहे तीन आतंकवादियों को 16 घंटे तक चली लंबी मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने मार गिराया। 26 जनवरी से पहले आतंकी संगठन जम्मू-कश्मीर में बड़े हमले की योजना बना रहे हैं परंतु हमारे जवान उनके हरेक मंसूबों पर इसी तरह पानी फेरने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं।

यह बात जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) किलो फोर्स एचएस साही ने बुधवार को श्रीनगर मुठभेड़ संपन्न होने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि ये आतंकी किस संगठन से हैं और इनकी पहचान क्या है, पुलिस इसका पता लगा रही है। पहचान होते ही इसको जाहिर कर दिया जाएगा।

जीओसी साही ने बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान उत्तरी कश्मीर में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में पाकिस्तानी आतंकी समेत पांच आतंकवादियों को मार गिराया गया है। सुरक्षा एजेंसियों से उन्हें पिछले कई दिनों से सूचनाएं मिल रही थी कि आतंकवादी श्रीनगर-बारामुला हाईवे पर हमले की फिराक में हैं। यही नहीं कई आतंकियों को हाईवे के साथ लगते इलाकों में भी देखा गया है। इस सूचना के बाद से ही हमने अपने तंत्रों को सक्रिय कर दिया था।

गत मंगलवार शाम को हमारे सूत्रों से यह जानकारी मिली के दो से तीन आतंकवादियों को श्रीनगर-बारामुला हाईवे पर स्थित एचएमटी क्षेत्र के लवेपोरा इलाके में नूरा अस्पताल के ठीक सामने वाले घर में देखा गया है। जैसे ही यह जानकारी पक्की हुई, सेना की 2 आरआर बटालियन, पुलिस और सीआरपीएफ का संयुक्त दल मौके पर पहुंच गया। 

सुरक्षाबलों ने उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए कहा परंतु जवाब में आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध गोलीबारी की और हथगोले भी दागे। अंधेरा होने के कारण ऑपरेशन को रोक दिया गया था। इस दौरान घेराबंदी को मजबूत कर दिया गया ताकि आतंकी फरार न हो सकें। पहली रोशनी के साथ मुठभेड़ फिर से शुरू हुई। इस दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों के खिलाफ भारी गोला-बारूद का इस्तेमाल किया। परंतु सुरक्षाबल तीनों आतंकवादियों को मार गिराने में सफल रहे।

जीओसी साही ने कहा कि यह एक सफल ऑपरेशन था। उन्होंने बताया कि कमांडर 10 सेक्टर आरआर नरेश मिश्रा और एसपी वेस्ट शहजाद सालियार के नेतृत्व में टीम ने बेहतर किया। “ऑपरेशन सुबह 11:30 बजे समाप्त हुआ। मारे गए तीनों आतंकियों के शवों और मुठभेड़ स्थल से बरामद हथियारों को कब्जे में लिया गया।

आतंकवादी श्रीनगर के बाहरी इलाकों को क्यों चुन रहे हैं, इसके जवाब में जीओसी ने कहा कि आतंकवादियों के लिए हाईवे पर सुरक्षाबलों को निशाना बनाना आसान लगता है। आज मुठभेड़ के दौरान तीनों आतंकवादियों ने जिस तरह सुरक्षाबलों पर गोला-बारूद का इस्तेमाल किया था, उसे देख यह स्पष्ट होता है कि वह किसी बड़े हमले की योजना बना रहे थे। हाईवे से सटे इलाकों को चुनने के पीछे आतंकवादियों का एक मकसद यह भी रहता है कि हमले को अंजाम देकर वे भीड़भाड़ वाले इलाके, वहां की तंग गलियों से फरार होने में सफल रहते हैं।

आतंकवादियों को यह पता नहीं है कि हमारा खुफिया ग्रिड बहुत मजबूत है। हमारे जवान आतंकियों को उनके मंसूबों में कामयाब नहीं होने देंगे। जीओसी साही ने कहा कि 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) आ रही है। आतंकी इस बीच बड़े हमले की योजना बना अपनी उपस्थिति जाहिर करना चाहते हैं, लेकिन हम सतर्क हैं। उनकी सभी योजनाओं को विफल कर देंगे। मारे गए आतंकवादियों के पास से एक एके-47 राइफल, दो पिस्तौल और कुछ हथगोले बरामद किए गए हैं।

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