'J&K से हटाया जाए ऐसा अधिकारी...', महिला अफसर से बदसलूकी पर फारूक सख्त; बोले- यह घटना पूरे प्रशासन के लिए शर्मनाक
जम्मू-कश्मीर में एक महिला अधिकारी से कथित दुर्व्यवहार के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ...और पढ़ें

महिला अफसर से बदसलूकी पर फारूक ने IAS को हटाने को कहा। (फाइल फोटो)
HighLights
फारूक अब्दुल्ला ने आईएएस अधिकारी को हटाने की मांग की।
महिला अधिकारी से कथित दुर्व्यवहार का मामला तूल पकड़ रहा है।
घटना ने प्रशासनिक समुदाय को शर्मिंदा किया: फारूक अब्दुल्ला।
डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में एक महिला अधिकारी से कथित दुर्व्यवहार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में अब राजनीतिक स्तर पर भी कार्रवाई की मांग उठने लगी है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शुक्रवार को IAS अधिकारी कुमार राजीव रंजन को जम्मू-कश्मीर से हटाने की मांग करते हुए कहा कि इस घटना ने पूरे प्रशासनिक समुदाय को शर्मिंदा किया है।
श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस घटना के वीडियो को देखकर उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई। उन्होंने महिला अधिकारी के खिलाफ इस्तेमाल की गई कथित भाषा को अस्वीकार्य बताया और कहा कि उनका यह बर्ताव एक वरिष्ठ सिविल सेवक से अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं है।
'अधिकारियों का काम शिकायतें सुनना, बेइज्जत करना नहीं'
अब्दुल्ला ने कहा कि सरकारी अधिकारियों का काम जनता की शिकायतों को सुनना और उनकी समस्याओं को सुलझाने में मदद करना है, न कि उन्हें अपमानित करना। उन्होंने कहा कि रंजन को फटकार लगाई जानी चाहिए और उन्हें जम्मू-कश्मीर से हटा दिया जाना चाहिए।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान भी ऐसी घटनाएं हुई थीं, तो अब्दुल्ला ने कहा कि न तो अधिकारियों और न ही मंत्रियों को लोगों का अपमान करने का अधिकार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी जिम्मेदारी जनता की सेवा करना और उनकी कठिनाइयों को दूर करना है।
उमर के बयान से सहमत फारूक अब्दुल्ला
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के इस बयान का समर्थन करते हुए कि अगर जम्मू-कश्मीर के पास राज्य का दर्जा होता तो यह घटना नहीं होती, फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वह उस अधिकारी के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई करते।
