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महिला अफसर से बदसलूकी मामले में सरकार का बड़ा एक्शन, IAS कुमार राजीव रंजन पर जांच के आदेश; 15 दिन में मांगी रिपोर्ट

By Rohit JandiyalEdited By: Dallu Slathia
Published: Fri, 16 Oct 2026 05:02 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर सरकार ने आईएएस कुमार राजीव रंजन के खिलाफ जेकेएएस बीनिश वानी से कथित बदसलूकी के मामले में जांच के ...और पढ़ें

IAS कुमार राजीव रंजन से जुड़े मामले में सरकार ने दिए जांच के आदेश। (फाइल फोटो)

IAS कुमार राजीव रंजन से जुड़े मामले में सरकार ने दिए जांच के आदेश। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. आईएएस कुमार राजीव रंजन के खिलाफ जांच के आदेश।

  2. जेकेएएस अधिकारी बीनिश वानी से बदसलूकी का आरोप।

  3. मंदीप कौर को 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर सरकार ने आइएएस अधिकारी कुमार राजीव रंजन पर जेकेएएस अधिकारी बीनिश वानी से जुड़े कथित बदसलूकी के मामले में औपचारिक जांच के आदेश दिए हैं। सरकार ने जांच अधिकारी को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की ओर से शुक्रवार को जारी सरकारी आदेश संख्या 1654-जेके(जीएडी) आफ 2026 के अनुसार, आवास एवं शहरी विकास विभाग की आयुक्त सचिव मंदीप कौर को मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

यह जांच श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव कुमार राजीव रंजन और गांदरबल में रोजगार विभाग की सहायक निदेशक बीनिश वानी से जुड़े कथित बदसूलकी  के आरोपों के संबंध में की जाएगी। सरकार के संज्ञान में यह मामला प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में प्रकाशित खबरों के बाद आया।

जांच अधिकारी 15 दिन में सरकार को सौंपेंगे रिपोर्ट

 

सरकार ने जांच प्रक्रिया में पक्ष प्रस्तुत करने वाले अधिकारी (प्रेजेंटिंग आफिसर) के रूप में सामान्य प्रशासन विभाग में अतिरिक्त सचिव अमित वर्मानी (जेकेएएस) को भी नियुक्त किया है। जारी आदेश के अनुसार, जांच अधिकारी को निर्धारित 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

बीनिश वानी के समर्थन में उतरे जेकेएएस अधिकारी

 

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने बीनिश वानी के कथित दुर्व्यवहार और सार्वजनिक अपमान की निंदा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। जेकेएएस अधिकारियों ने एक बयान जारी कर कहा था कि वह प्रशासनिक जवाबदेही और कार्य प्रदर्शन की निगरानी का पूरी तरह समर्थन करता है, लेकिन किसी भी वरिष्ठ अधिकारी को अभद्र भाषा, धमकी या ऐसा व्यवहार करने का अधिकार नहीं है, जो किसी सेवारत अधिकारी की गरिमा को ठेस पहुंचाए।

IAS अधिकारी पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल के बार-बार आरोप

बयान में दावा किया गया था कि यह कोई अलग-थलग घटना नहीं है और संबंधित आइएएस अधिकारी पर आधिकारिक कार्य के दौरान कथित तौर पर अशोभनीय एवं अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का पैटर्न होने के आरोप हैं।

जेकेएएस अधिकारियों ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्य सचिव अटल डुल्लू और सामान्य प्रशासन विभाग से मांग की थी कि मूल घटना और उसके बाद जारी विभागीय स्पष्टीकरण, दोनों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।