'अफवाह मत फैलाएं, लद्दाख में शराब की केवल एक दुकान', प्रशासन ने सोनम वांगचुक को दी चेतावनी
लद्दाख प्रशासन ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शराब की दुकानों के विस्तार संबंधी आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है।
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लद्दाख में शराब की दुकानों पर विवाद, प्रशासन ने वांगचुक के आरोपों को नकारा।
HighLights
प्रशासन ने सोनम वांगचुक के शराब दुकान विस्तार के आरोपों को नकारा
नई आबकारी नीति वापस ली गई, पुरानी नीति लागू है
लद्दाख में वर्तमान में केवल एक शराब की दुकान संचालित है
राज्य ब्यूरो, जम्मू। लद्दाख में शराब की दुकानों और बार खोलने की नीति को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आरोपों पर लद्दाख प्रशासन ने खारिज करते हुए उन्हें झूठा, बेबुनियाद बताया है। प्रशासन ने वांगचुक को अफवाह फैलाने से बचने की चेतावनी भी दी है।
वांगचुक ने अपने बयान में कहा कि शराब की दुकानों के कथित विस्तार के विरोध में महिलाएं लगातार छठे दिन धरने पर बैठी हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग वन पर यातायात भी रोक दिया। वांगचुक के अनुसार उपराज्यपाल की नीतियां नशे की समस्या से निपटने के प्रयासों को कमजोर कर रही हैं।
सोनम वांगचुक ने लगाया था गंभीर आरोप
22 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित लद्दाख भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में वांगचुक ने आरोप लगाया था कि सार्वजनिक विरोध के बावजूद उपराज्यपाल प्रशासन शराब की दुकानों को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया था कि सैकड़ों महिलाएं शराब की दुकानों और बार के कथित विस्तार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं।
वांगचुक ने कहा था कि करीब दो महीने पहले लद्दाख में जगह-जगह शराब की दुकानें खोलने के फैसले के बाद लोगों ने विरोध किया और प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें भी सौंपीं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर गली, हर मोहल्ले और स्कूलों के पास बार खोले जा रहे हैं।
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लद्दाख प्रशासन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि नई आबकारी नीति 2026-27 को एक जून 2026 को अधिसूचित किया गया था। हालांकि, जनता और सामाजिक संगठनों से मिले सुझावों एवं प्रतिक्रियाओं के बाद 26 अगस्त 2026 को इसे वापस ले लिया गया।
प्रशासन ने क्या कहा?
प्रशासन के अनुसार, नई नीति के तहत वाइन शॉप खोलने का प्रस्ताव वापस ले लिया गया और इससे संबंधित नीलामी नोटिस भी रद कर दिया गया। इसके बाद पुरानी आबकारी नीति 2025-26 को फिर से लागू कर दिया गया, जो अभी प्रभावी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पुरानी आबकारी नीति के तहत लेह के वार्ड नंबर 4 और वार्ड नंबर 6 में केवल दो शराब की दुकानों की अनुमति थी। 14 अक्टूबर को हुई नीलामी में वार्ड नंबर 6 की दुकान के लिए बोली मिली और वहां दुकान चालू हो गई, जबकि वार्ड नंबर 4 के लिए कोई बोली नहीं मिली।
प्रशासन के मुताबिक, इस समय पूरे लद्दाख में केवल एक शराब की दुकान संचालित हो रही है। इस आधार पर उसने वांगचुक के उस दावे को खारिज किया कि हर इलाके में शराब की दुकानें खोली जा रही हैं।
प्रशासन ने वांगुचक को अफवाहों से दूर रहने की दी सलाह
हालांकि, प्रशासन ने बताया कि लद्दाख में रेस्तरां से जुड़े 50 खुदरा शराब बिक्री केंद्र संचालित हैं। इनमें लेह में 38, नुब्रा में 7, जंस्कार में 3 और चांगथांग में 2 केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा, लेह में दो बीयर बार भी संचालित हैं। प्रशासन के अनुसार, लेह के नौ होटलों के पास शराब परोसने के लाइसेंस हैं, जिनमें से चार लाइसेंस इसी वर्ष जारी किए गए।
वहीं, नुब्रा के एक होटल को भी इस वर्ष लाइसेंस दिया गया है। प्रशासन ने कहा कि शराब परोसने के लाइसेंस केवल उन्हीं आवेदकों को दिए गए हैं, जो निर्धारित मानकों पर खरे उतरे हैं। इन मानकों में राजमार्गों, धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित दूरी के नियम भी शामिल हैं। प्रशासन ने वांगचुक को सार्वजनिक बयान देने से पहले आधिकारिक स्रोतों से तथ्यों की पुष्टि करने की सलाह दी है।
