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अब बिना पंजीकरण नहीं चलेंगे कोचिंग सेंटर, 50 हजार रुपये फीस वसूलेगी हिमाचल सरकार; कड़े किए नियम

By Ritika Sharma Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 12 Oct 2026 03:55 PM (GMT+05:30)

हिमाचल प्रदेश में निजी कोचिंग सेंटरों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके लिए 50 हजार रुपये शुल्क निर्धारित है।

हिमाचल सरकार कोचिंग संस्थानों से पंजीकरण फीस वसूलेगी। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल सरकार कोचिंग संस्थानों से पंजीकरण फीस वसूलेगी। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. निजी कोचिंग सेंटरों का पंजीकरण अब अनिवार्य।

  2. पंजीकरण शुल्क 50 हजार, वैधता तीन वर्ष।

  3. सुरक्षा, सुविधा, फीस में पारदर्शिता जरूरी।

जागरण टीम, ऊना। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में निजी कोचिंग सेंटर संचालित करने वालों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। निर्धारित नियमों के तहत पंजीकरण के लिए 50 हजार रुपये शुल्क जमा करवाना होगा। पंजीकरण प्रमाण-पत्र तीन वर्ष के लिए वैध रहेगा, जबकि नवीनीकरण के लिए 25 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) इशांत जसवाल ने सभी पात्र कोचिंग सेंटर संचालकों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सभी पात्र निजी कोचिंग सेंटर संचालकों को निर्धारित आवेदन पत्र भरकर उप निदेशक, उच्च शिक्षा, ऊना के कार्यालय में जमा करवाना होगा। आवेदन पत्र निर्धारित वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके साथ 50 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क देना अनिवार्य होगा।

आवेदन की जांच जिला स्तरीय कमेटी करेगी। कमियां मिलने पर उन्हें दूर करने के लिए अधिकतम तीन माह का समय दिया जा सकेगा। निर्धारित शर्तें पूरी नहीं करने वाले आवेदन अस्वीकार भी किए जा सकते हैं।

सुरक्षा, सुविधाओं और फीस पर रहेगी नजर

कोचिंग सेंटरों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त कक्षाएं, उचित प्रकाश, वेंटिलेशन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और अग्नि सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवानी होंगी। शिक्षण व्यवस्था और शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े नियमों का पालन भी जरूरी होगा। संचालकों को विद्यार्थियों के प्रवेश, फीस और उपस्थिति का अद्यतन रिकार्ड रखना होगा। ट्यूशन फीस और अन्य शुल्कों में पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य होगा। पंजीकृत सेंटर को स्थान बदलने से पहले संबंधित प्राधिकारी की अनुमति लेनी होगी।

एडीसी ने बताया कि इस संबंध में आयोजित जिलास्तरीय कमेटी की बैठक में कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण, विद्यार्थियों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और फीस में पारदर्शिता सहित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।

उल्लंघन पर कार्रवाई, अपील का भी प्रविधान

प्रशासन सेंटरों की नियमित निगरानी करेगा और शिकायतों की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन होने पर जुर्माना लगाने तथा आवश्यक परिस्थितियों में पंजीकरण रद करने का प्रावधान है। निर्णय से असंतुष्ट संचालक सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकेंगे। एडीसी ने सभी संचालकों से निर्धारित नियमों का पालन कर विद्यार्थियों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

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