हिमाचल सरकार प्राकृतिक फसल की करेगी लैब जांच, 50 रुपये किलोग्राम के हिसाब से होगी मक्की की खरीद
हिमाचल सरकार प्राकृतिक मक्की की सरकारी खरीद से पहले प्रयोगशाला जांच कराएगी ताकि फसल रसायनमुक्त हो। ऊना जिले के किसानों के सैंपल हमीरपुर लैब भेजे जाएंगे।

हिमाचल सरकार लैब जांच के बाद प्राकृतिक मक्की खरीदेगी। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
मक्की की सरकारी खरीद से पहले होगी प्रयोगशाला जांच।
ऊना के किसानों के सैंपल हमीरपुर लैब जाएंगे।
प्राकृतिक खेती पर प्रति क्विंटल 50 रुपये प्रोत्साहन मिलेगा।
संवाद सहयोगी, ऊना। मक्की की फसल प्राकृतिक खेती से उगाई गई है या उसमें रसायनों का इस्तेमाल हुआ है, इसका फैसला अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट करेगी। कृषि विभाग जांच के बाद ही प्राकृतिक मक्की की सरकारी खरीद करेगा। ऊना जिले के 87 पंजीकृत किसानों में से 15 के सैंपल हमीरपुर स्थित सरकारी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाएंगे।
मोहाली के बजाय हमीरपुर लैब में होगी जांच
इस बार मक्की के सैंपल मोहाली की निजी प्रयोगशाला के बजाय हमीरपुर की सरकारी लैब में जांचे जाएंगे। कृषि विभाग के फील्ड कर्मचारी प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के घर जाकर सैंपल एकत्र करेंगे। इनमें से 15 सैंपल लैब भेजे जाएंगे।
मानकों पर खरा उतरने पर ही होगी खरीद
रिपोर्ट में गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरने और रसायनमुक्त होने की पुष्टि होने पर ही संबंधित किसान की मक्की खरीद के लिए पात्र होगी। जांच में मानकों पर खरी न उतरने वाली मक्की की सरकारी खरीद नहीं होगी।
दिवाली के बाद होगी खरीद
खरीद दीपावली के बाद होगी, हालांकि अभी तारीख तय नहीं की गई है। इसके लिए रामपुर और टकारला मंडियों को निर्धारित किया गया है। दोनों मंडियों में दो दिन तक खरीद होगी।
50 रुपये किलो के हिसाब से खरीदी जाएगी मक्की
प्रत्येक किसान से अधिकतम 20 क्विंटल मक्की खरीदी जाएगी। खरीद के दौरान गुणवत्ता के साथ नमी की मात्रा भी जांची जाएगी। सभी निर्धारित मानक पूरे होने पर ही उपज खरीदी जाएगी। प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की पर किसानों को प्रति क्विंटल 50 रुपये दिए जाएंगे। इससे रसायनमुक्त खेती करने वाले किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
मक्की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। किसानों से सैंपल लिए जा रहे हैं और इनमें से 15 सैंपल जांच के लिए हमीरपुर भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद दीपावली के बाद खरीद शुरू होगी। गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरने वाली मक्की की ही सरकारी खरीद की जाएगी।
-डॉ. प्यारो देवी संधू, निदेशक, आतमा परियोजना, कृषि विभाग।
यह भी पढ़ें: हिमाचल में दिखने लगा जलवायु परिवर्तन का असर: 4 जिलों की 12 पंचायतों में हुए अध्ययन में दिखे बदलाव
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।