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सड़क बंद होने से मृत मां को डंडे से बांध 6 KM पैदल चला बेटा, फिर किया अंतिम संस्कार; सिरमौर में खुली सिस्टम की पोल

Published: Tue, 06 Oct 2026 06:00 AM (GMT+05:30)

सिरमौर के नाहन में सड़क बंद होने के कारण ग्रामीणों को 80 वर्षीय महिला के शव को डंडे से बांधकर ...और पढ़ें

मृत मां को डंडे से बांध पैदल चलते बेटा। फोटो जागरण

मृत मां को डंडे से बांध पैदल चलते बेटा। फोटो जागरण

HighLights

  1. 80 वर्षीय महिला परमा देवी के शव को 6 किलोमीटर पैदल ले जाया गया।

  2. सड़क बंद होने के कारण ग्रामीणों को शव डंडे से बांधकर ढोना पड़ा।

  3. यह घटना सिरमौर में प्रशासनिक दावों पर सवाल उठाती है।

जागरण संवाददाता, नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर के नाहन विधानसभा क्षेत्र के धारटीधार इलाके की धगेड़ा पंचायत के गुलरवाला गांव में 80 साल की महिला के शव को ग्रामीणों ने डंडे से बांधकर 6 किलोमीटर कंधे पर ढोया। एक बार फिर जिला सिरमौर में बंद सड़क प्रशासन व सरकार के दावों की पोल खोल दी।

यह सड़क बरसात के बाद से पिछले करीब ढाई-तीन महीने से बंद पड़ी हुई है। बंद सड़क के कारण 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला 'परमा देवी' के शव को उनके अपने ही गांव तक पहुंचाना ग्रामीणों के लिए एक अग्निपरीक्षा बन गया।

मजबूरी ऐसी कि परिजनों और ग्रामीणों को शव को डंडे से बांधना पड़ा और उबड़-खाबड़ रस्ते पर करीब छह किलोमीटर तक पैदल चलकर गांव पहुंचना पड़ा। इसके बाद ग्रामीण शव को श्मशानघाट ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया।

इलाज के दौरान पीजीआई में मौत

जानकारी के अनुसार, टीना गुलरवाला गांव की रहने वाली परमा देवी लंबे समय से बीमार चल रही थीं। शनिवार रात तबीयत बिगड़ने पर उन्हें नाहन से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां रविवार सुबह करीब चार बजे इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

इसके बाद परिजन शव को चंडीगढ़ से रामा धगेड़ा मुख्य सड़क तक वाहन में लेकर पहुंचे। उनके गांव तक जाने वाली सड़क बंद होने के कारण वाहन आगे ले जाना नामुमकिन था, लेकिन अपनों को अंतिम सफर तक पहुंचाने की तड़प में ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी।

कंधे पर शव को बांध पहुंचाया अस्पताल

इसके बाद ग्रामीणों ने शव को डंडे में बांधा और उसे कंधों के सहारे करीब छह किलोमीटर तक पैदल लेकर गांव पहुंचे। मृतका के बेटे रामेंद्र के साथ बीडीसी सदस्य एवं पूर्व पंचायत प्रधान वीरेंद्र सिंह ठाकुर, रोहित, अनिल, सुरेंद्र और पिंकू ने यह पूरा रास्ता तय किया। गांव पहुंचने के बाद शव को श्मशानघाट तक ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया।

ग्रामीणों के अनुसार करीब आठ किलोमीटर लंबी टीना गुलरवाला सड़क वर्ष 2014 में बनी थी। तत्कालीन विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने सड़क का उद्घाटन किया था। यह सड़क रामा-धगेड़ा मुख्य मार्ग से पीना गुलरवाला सहित बेंदली, रोज काटली और आसपास के कई गांवों को जोड़ती है।

सड़क बंद होने से ग्रामीण परेशान

आगे यह मार्ग जलमूसा और कोलर के समीप कटासन मंदिर के पास पांवटा साहिब कालाअंब राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ता है। बीडीसी सदस्य वीरेंद्र सिंह ठाकुर सहित ग्रामीणों ने बताया कि सड़क बंद होने का खमियाजा सिर्फ मौत के बाद ही नहीं, बल्कि जीती-जागती जिंदगी में भी भुगतना पड़ रहा है।

बीमारों को समय पर अस्पताल पहुंचाना जंग जीतने जैसा है और किसानों की फसलें मंडियों तक न पहुंच पाने से बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने बताया कि सड़क बंद होने से ग्रामीण आए दिन भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उधर, पंचायत प्रधान नरेंद्र ने माना कि सड़क बंद है। इस बारे विभाग को पहले ही अवगत करवा दिया है। सड़क को जल्द बहाल किया जाएगा।

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