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'BBMB पर हिमाचल की जीत की नींव पूर्व धूमल सरकार ने रखी', बिंदल बोले- पूरा इतिहास बताएं सीएम सुक्खू

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 07 Nov 2026 01:18 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की जलविद्युत परियोजनाओं में लंबित बिजली बकाया पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का भाजपा ने स्वागत किया है।

हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल। जागरण

हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल। जागरण

HighLights

  1. सर्वोच्च न्यायालय ने हिमाचल के लंबित बिजली बकाया पर फैसला सुनाया।

  2. भाजपा ने ऐतिहासिक जीत का श्रेय धूमल और मोदी सरकार को दिया।

  3. पंजाब, हरियाणा 20 साल तक हिमाचल को बिजली देंगे।

जागरण संवाददाता, नाहन। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की जलविद्युत परियोजनाओं में हिमाचल प्रदेश के लंबित बिजली बकाया को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय का भाजपा ने स्वागत किया है। नाहन में अपने निवास पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इस ऐतिहासिक समाधान के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि हिमाचल के हितों के संरक्षण के लिए केंद्र और राज्य के बीच सकारात्मक सहयोग अत्यंत आवश्यक है। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश की जनता के अधिकारों की बड़ी जीत है।

धूमल सरकार के कार्यकाल में मिली निर्णायक सफलता

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे दशकों की कानूनी लड़ाई, पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के कार्यकाल में मिली निर्णायक न्यायिक सफलता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत समाधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

पूरा इतिहास बताएं सुक्खू

डॉ. बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू इस निर्णय का राजनीतिक श्रेय लेने के बजाय प्रदेश की जनता को इसका पूरा इतिहास बताएं। डॉ. बिंदल ने कहा कि इस संघर्ष की जड़ें वर्ष 1966 में पंजाब के पुनर्गठन से जुड़ी हैं। हिमाचल प्रदेश ने 1969 में अपनी हिस्सेदारी का दावा केंद्र सरकार के समक्ष रखा था। विभिन्न स्तरों पर प्रयासों के बावजूद समाधान नहीं निकलने पर वर्ष 1996 में सर्वोच्च न्यायालय में मूल वाद दायर किया गया। इसके बाद प्रदेश के अधिकारों की लंबी कानूनी लड़ाई चली।

भाजपा सरकार ने दिया इस विषय को महत्व

उन्होंने कहा कि 1998 से 2003 तथा 2007 से 2012 तक भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के अधिकारों से जुड़े इस विषय को महत्वपूर्ण स्थान मिला। विशेष रूप से धूमल सरकार के दूसरे कार्यकाल में 27 सितंबर 2011 को सर्वोच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हिमाचल प्रदेश के 7.19 प्रतिशत हिस्से के कानूनी अधिकार को मान्यता दी। इस निर्णय ने वर्षों से लंबित विवाद के समाधान की मजबूत आधारशिला रखी। 

डॉ. बिंदल ने कहा कि यह तथ्य किसी भी स्थिति में भुलाया नहीं जा सकता कि जब न्यायालय ने हिमाचल के अधिकारों को मान्यता दी, उस समय प्रदेश में प्रो. प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार थी।

न्यायालय के आदेशानुसार पंजाब और हरियाणा अगले 20 वर्षों में अक्टूबर से मार्च के दौरान लगभग 598 मिलियन यूनिट बिजली प्रतिवर्ष उपलब्ध कराएंगे। इस संघर्ष में प्रो. प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के कार्यकाल में मिली ऐतिहासिक सफलता तथा वर्तमान केंद्र सरकार के समाधानकारी प्रयासों का योगदान महत्वपूर्ण है।

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