महिला आरक्षण नहीं, मुख्य मुद्दा परिसीमन; हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल बोलीं- बिना जनगणना लागू करना उचित नहीं
हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन मुख्य मुद्दा है। कांग्रेस महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन परिसीमन जनगणना के आधार पर होना चाहिए।
HighLights
कांग्रेस महिला आरक्षण की पक्षधर, पर परिसीमन जनगणना बाद हो।
रजनी पाटिल ने 2011 जनगणना पर परिसीमन को अनुचित बताया।
कांग्रेस पंचायत चुनाव हेतु संगठन मजबूत कर रही, 'एक व्यक्ति एक पद' सिद्धांत।
राज्य ब्यूरो, शिमला। महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयक संसद में पेश हो गए हैं। इस पर हिमाचल कांग्रेस मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण की पक्षधर है। कांग्रेस ही इसे लेकर आई थी। आज महिला आरक्षण मुद्दा नहीं, मुख्य मुद्दा परिसीमन (डी लिमिटेशन) है।
परिसीमन का आधार जनगणना है। कांग्रेस चाहती है कि पहले जनगणना हो, उसके बाद परिसीमन व इसके आधार पर आरक्षण किया जाए। बगैर जनगणना के इसे लागू करना उचित नहीं है। अभी 2011 की जनगणना के आंकड़े हैं। अभी केंद्र सरकार आनन फानन में चुनावी फायदे के लिए इसे लागू करने जा रही है।
कांग्रेस चुनाव के लिए तैयार
रजनी पाटिल ने कहा कि आगामी पंचायत चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद संगठन का पुनर्गठन हुआ है और अब जिलास्तर पर इसे सक्रिय कर चुनावी तैयारियों को तेज किया जा रहा है। बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं की शिकायतों व मुद्दों पर चर्चा कर उनका समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
संगठन नियुक्ति में लागू रहेगा सिद्धांत
पाटिल ने कहा कि संगठन में और नई नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें भी एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत लागू होगा। पाटिल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एकजुट है और आगामी चुनाव में मजबूती के साथ उतरेगी।
