चंडीगढ़ में HRTC की इलेक्ट्रिक बस रोकने पर बवाल, प्रबंधन के हस्तक्षेप के बाद सुलझा मामला
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) की एक इलेक्ट्रिक बस को चंडीगढ़ में सीटीयू कर्मचारियों ने परमिट विवाद के चलते ...और पढ़ें

एचआरटीसी की ई बस को चंडीगढ़ में रोकने पर विवाद।
HighLights
एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बस चंडीगढ़ में रोकी गई
सीटीयू कर्मचारियों ने परमिट को लेकर आपत्ति जताई
निगम प्रबंधन के हस्तक्षेप से मामला सुलझा लिया गया
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की इलेक्ट्रिक बस को चंडीगढ़ में रोकने का मामला सामने आया है। घटना शुक्रवार की है। ऊना डिपो की यह बस है।
सीटीयू के कर्मचारियों ने बस को रोका। बस के चंडीगढ़ पहुंचने के बाद संबंधित अधिकारी ने एचआरटीसी कर्मचारियों को बस का संचालन नहीं करने दिया। परमिट को लेकर तर्क दिया गया। बस में तैनात चालक परिचालकों ने इस बारे में निगम प्रबंधन को सूचित किया।
प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बात की। तर्क दिया गया कि यह बसें राज्य सरकार की है। रूट परमिट भी है और टाइम टेबल भी। निगम ने कहा कि किसी निर्धारित सार्वजनिक परिवहन सेवा को इस तरह मौखिक आदेश देकर रोकना उचित प्रक्रिया नहीं है।
एचआरटीसी प्रबंधन ने कहा कि यदि बस के परमिट या संचालन से संबंधित कोई आपत्ति है तो उसकी शिकायत सक्षम प्राधिकारी के समक्ष उठाया जाना चाहिए। बिना किसी वैध कानूनी या प्रशासनिक आदेश के एचआरटीसी की सेवा रोकने का अधिकार नहीं है।
एचआरटीसी के डीएम देवासेन नेगी ने बताया कि सुबह के समय यह मामला सामने आया था। इसे सुलझा लिया गया है। सरकारी बसों को इस तरह से रोका जाना उचित नहीं है। बसों को चलाने की परमिशन भी है और परमिट भी।
