रिकांगपिओ, जेएनएन। अक्‍सर महिलाओं में आयरन की कमी हो जाती है जिससे स्‍वास्‍थ्‍ संबंधी समस्‍याये पैदा हो जाती है, इसके बारे में जागरुक करने के लिए महिला एवं बाल कल्याण विभाग की ओर से किन्नौर जिला के बटसेरी में पोषण आहार अभियान के तहत शिविर आयोजित किया गया। आयुर्वेदिक विभाग से डॉ. किशोर ने महिलाओं से संतुलित आहार लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमें अपने रोजमर्रा के खानपान में पालक, ब्रोकली, मूली के पत्तों का साग, चौलाई, बथुआ, मेथी व लिंगडू का सेवन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें मौसमी फलों का भी उपयोग करना चाहिए ताकि आयरन तत्व की कमी से बचा जा सके। आयरन तत्व की कमी के कारण एनीमिया हो जाता है जिससे काम करने की क्षमता में कमी, शिशु के मस्तिष्क का सही विकास न होना व गर्भावस्था के दौरान अनेक जटिलताएं होती हैं। इस दौरान करीब 57 महिलाओं की एचआइवी की भी जांच की गई। जिला बाल संरक्षण अधिकारी सूरत सिंह नेगी, हेल्थ एजुकेटर वीणा व कृषि विकास अधिकारी हरीश ने भी पोषण आहार के बारे में महिलाओं को जागरूक किया, ताकि वे संतुलित आहार को ले सकें।

एनीमिया के लक्षण -

- शरीर में थकान होना

- नाखून पीले पड़ना

- उठने बैठने और खड़े होने में चक्कर आना

- आंखों में पीलापन

- काम करने का मन न करना

- लेटकर उठने के बाद आंखों के सामने अंधेरा छाना

- शरीर में तापमान की कमी

- त्वचा में पीलापन

- दिल की असामान्य और तेज धड़कना

- सांस लेने में लकलीफ

- सीने में दर्द होना

- तलवों और हथेलियों में ठंडापन

- लगातार रहने वाला सिर में दर्द

एनीमिया से बचाव के उपाय 

शहद को एनीमिया के लिए शक्तिशाली इलाज माना जाता है। शहद को सेब के टुकड़े या केले के साथ ले सकते है। एक गिलास पानी में नींबू का रस डालकर एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से खून की कमी दूर होती है।

सोयाबीन आयरन और विटामिन से भरपूर होता है। यह एनीमिया के रोगियों के लिए लाभदायक होता है। इससे शरीर के लो फैट के साथ भरपूर प्रोटीन मिलता है। सोयाबीन को किसी भी डाइट में शामिल करने से एनीमिया से बचा जा सकता है।

गुड़ खाने के बाद नियमित रुप से गुड़ का सेवन करने से एनीमिया से बचा जा सकता है। एनीमिया के मरीजों के लिए गुड़ का सेवन काफी लाभदायक होता है। गुड़ में काफी मात्रा में आयरन होता है। यह जितना पुराना होगा उतना ही फायदेमंद होगा।

हरी सब्जियां पालक, लेटयूस, चुकंदर, ब्रोकली, मेथी, अजमोदा और लौकी में आयरन की मात्रा भरपूर होती है। इसको खाने में आयरन की कमी नहीं होती है। ये सब्जियां में ना केवल आयरन है बल्कि विटामिन बी-12 और फोलिक एसिड जैसे उर्जादायी पोषक तत्व है जो शरीर में एनीमिया ठीक करने के लिए काफी जरुरी होती है।

चुकंदर का रस आयरन से भरपूर होता है। एनीमिया के मरीज थकान और आलस से मिटाने के लिए टॉनिक की तरह लेते है। चुकंदर के रस का स्वाद बनाने के लिए लोग इसमें शहद भी मिलाया जा सकता है।

खून में आयरन की कमी से एनीमिया का खतरा

आधुनिक परिवेश में अनियमित खानपान से अधिकांश महिलाएं एनीमिया का शिकार हो रही है। एनीमिया के कारण खून में आयरन की कमी हो जाती है। नतीजतन महिलाएं आयेदिन बीमारी का शिकार हो रही है। महिला चिकित्सक डा. मणी कुमारी ने बताया कि आधुनिक परिवेश में अनियमित खान पान के कारण अधिकांश महिलाएं एनीमिया का शिकार हो रही है। यह बीमारी खून में आयरन की कमी, पेट में इंफेक्शन, खाने में कैल्शियम बहुत ज्यादा लेना, हरी सब्जियां न खाना, बहुत ज्यादा धूम्रपान, किसी वजह से शरीर से बहुत खून बह जाने एवं फालिक एसिड की कमी के कारण होता है। खून में आयरन की कमी से हीमोग्लोबीन की मात्रा कम हो जाती है।

हीमोग्लोबिन ही फेफड़ों से आक्सीजन लेकर रक्त में आक्सीजन पहुंचाता है। हिमोग्लोबिन कम होने से शरीर में आक्सीजन की कमी होने लगती है एवं शरीर में पर्याप्त उर्जा नहीं मिल पाता है। यह बीमारी पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में ज्यादा होती है। लोग इस बीमारी को बड़ा नहीं मानते हुए इसकी अनदेखी कर देते है, जबकि समय रहते इसका उपचार नहीं किया गया तो यह घातक साबित भी हो सकती है। बताया कि कुछ महिलाओं को गर्भाश्य के दौरान लापरवाही बरतने के कारण हीमोग्लोबिन कम हो जाता है। हीमोग्लोबिन को बढ़ाने के लिए आयरन की टैब्लेट दी जाती है।

हीमोग्लोबिन की जांच है जरूरी

आयरन शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करती है। कुछ महिलाओं का हीमोग्लोबिन इतना कम रहता है कि उनको खून चढ़ाने की आवश्यकता पड़ जाती है। कहा कि एनीमिया का कोई भी लक्षण लगातर कुछ दिनों से दिखाई दे रहा हो तो तुरंत अच्छे चिकित्सक को दिखाएं और हीमोग्लोबिन की जांच करवाएं। इसका तुरंत इलाज करवाना जरुरी है। स्वस्थ पुरुष के शरीर में 13 से 16 व महिलाओं में 12 से 14 मिलीग्राम प्रति डेसिलीटर हीमोग्लोबिन होना चाहिए। पाश्चुरीकृत दूध, कड़क कॉफी व चाय, रिफाइंड स्टार्च, खासकर मैदा, कैन में रखे, जलाए हुए, परिरक्षित एवं अन्य तरह के प्रोसेस्ड आहार के सेवन करने से परहेज करना चाहिए।

 

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खाने के बाद नियमित रुप से गुड़ का सेवन करने से एनीमिया से बचा जा सकता है। एनीमिया के मरीजों के लिए गुड़ का सेवन काफी लाभदायक होता है। गुड़ में काफी मात्रा में आयरन होता है। यह जितना पुराना होगा उतना ही फायदेमंद होगा। हरी सब्जियां पालक, लेटयूस, चुकंदर, ब्रोकली, मेथी, अजमोदा और लौकी में आयरन की मात्रा भरपूर होती है। इसको खाने में आयरन की कमी नहीं होती है। ये सब्जियां में ना केवल आयरन है बल्कि विटामिन बी-12 और फोलिक एसिड जैसे उर्जादायी पोषक तत्व है जो शरीर में एनीमिया ठीक करने के लिए काफी जरुरी होती है। चुकंदर का रस आयरन से भरपूर होता है। एनीमिया के मरीज थकान और आलस से मिटाने के लिए टॉनिक की तरह लेते है। पका हुए आम के गूदे को मीठे दूध के साथ लिया जाए तो ब्लड में हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है।

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