यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आयकर रिटर्न मामले में वीरभद्र सिंह को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत
गुडग़ांव में आयकर से संबंधित मामले की जांच करने के लिए वीरभद्र सिंह को विभाग की ओर से अलग नोटिस भेजा गया था।

शिमला, राज्य ब्यूरो। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को आयकर रिटर्न मामले में बड़ी राहत प्रदान की है। न्यायालय ने आयकर विभाग की ओर से आयकर रिटर्न की दोबारा असेसमेंट करने से जुड़ी स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) खारिज कर दी है। आयकर विभाग वीरभद्र सिंह की ओर से दाखिल की गई रिटर्न की दोबारा जांच करना चाहता था।
वीरभद्र सिंह ने इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाया था कि एक ही मामले में दोबारा आयकर रिटर्न की जांच जानबूझ कर की जा रही है। आयकर से जुड़े इस मामले में करीब डेढ़ साल तक सुनवाई चली। इस मामले से जुड़ी सभी एसएलपी न्यायालय ने खारिज कर दी हैं। आयकर विभाग ने न्यायालय के समक्ष आग्रह किया था कि विभाग वीरभद्र सिंह की आयकर से संबंधित रिटर्न मामले में दोबारा आय का आकलन करना चाहता है। इसके लिए आयकर विभाग की ओर से वीरभद्र सिंह को नोटिस भेजा गया था। उस नोटिस के खिलाफ वीरभद्र सिंह पहले हाईकोर्ट गए थे। प्रदेश हाईकोर्ट ने आयकर विभाग के नोटिस को खारिज कर दिया था। उसके बाद विभाग ने मुख्यमंत्री को फिर नोटिस भेजा। आयकर विभाग चाहता था कि वीरभद्र सिंह की आयकर रिटर्न का पुन: आकलन गुडग़ांव में केंद्रित किया जाए।
गुडग़ांव में आयकर से संबंधित मामले की जांच करने के लिए वीरभद्र सिंह को विभाग की ओर से अलग नोटिस भेजा गया था। इस प्रकार के नोटिस को वीरभद्र सिंह ने प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मुख्यमंत्री
के आग्रह को सही ठहराते हुए हाईकोर्ट ने आयकर विभाग की दलील को निरस्त कर दिया था। उसके बाद आयकर विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी।
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