शिमला, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि हिमाचल शीघ्र कौशल विकास में देश में आदर्श राज्य के रूप में उभरेगा। सरकार एक योजना बनाने पर विचार कर रही है जिसमें स्किल इंडिया के अंतर्गत हर जिले के ब्रांड उत्पादों को चिह्नित कर प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार को नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में बिलीव इंडिया, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम व स्वयंसेवी संस्था स्वाका स्किल्ज द्वारा आयोजित स्किल इंडिया पैवेलियन के समापन समारोह में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे।

 

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं का कौशल निखारने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर बल देगी ताकि युवाओं के सशक्तीकरण के लिए स्वरोजगार के अवसर प्रदान हो सकें। प्रदेश में युवा आबादी 35.25 प्रतिशत है जो राष्ट्रीय स्तर पर 34.80 प्रतिशत के मुकाबले अधिक है। भारत सरकार ने कौशल विकास तथा उद्यमिता के लिए राष्ट्रीय नीति बनाई है। इससे देश में चल रही सभी कौशल विकास गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की जाएगी तथा इन्हें सामान्य मानकों से जोड़ा जाएगा।

 

इस नीति से कौशल विकास गतिविधियों को मांग केंद्रों से भी जोड़ा जाएगा। इसी तर्ज पर राज्य सरकार ने भी प्रदेश में कौशल विकास के प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए कौशल विकास नीति प्रस्तावित की है। कौशल विकास भत्ता योजना के अंतर्गत 156 करोड़ रुपये प्रदान कर 1,85,326 लोगों को लाभान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री ने पैवेलियन में स्थापित सभी स्टॉल का दौरा कर आयोजकों से बातचीत की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के स्टॉल का दौरा किया तथा प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के राज्य प्रमुख जयकांत सिंह ने निगम की गतिविधियों की जानकारी दी।

इस दौरान बिलीव इंडिया के संस्थापक मलीकार्जुन, राहुल सरीदेना, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सुखराम चौधरी, पूर्व विधायक बलदेव तोमर, तेलंगाना के भाजपा प्रमुख डॉ. के लक्ष्मण तथा जेट एयरवेज की निदेशक नम्रता गोयल

उपस्थित थे।

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Posted By: Babita