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'अभी 4 साल ही हुए... और भुला दिया', रोहड़ू में वीरभद्र सिंह की अनदेखी पर प्रतिभा का छलका दर्द; तीखा हमला बोला

By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 06 Oct 2026 05:01 PM (IST)Updated: Tue, 06 Oct 2026 05:27 PM (IST)

मुख्यमंत्री सुक्खू के रोहड़ू दौरे पर वीरभद्र सिंह की अनदेखी को लेकर प्रतिभा सिंह ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष एवं वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष एवं वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. मुख्यमंत्री सुक्खू के रोहड़ू दौरे पर वीरभद्र सिंह की अनदेखी।

  2. प्रतिभा सिंह ने कहा, वीरभद्र को इतनी जल्दी कैसे भुलाया?

  3. वरिष्ठ नेताओं का सम्मान कांग्रेस की परंपरा, प्रतिभा सिंह ने कहा।

राज्य ब्यूरो, शिमला। रोहड़ू की धरती, जिसे वीरभद्र सिंह की राजनीतिक कर्मभूमि माना जाता है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू बीते सप्ताह ही वहां दौरा करके लौटे हैं। इस दौरे में न तो प्रतिभा सिंह मौजूद थी, न ही उनके बेटे व राज्य सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह। मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए जगह-जगह लगे पोस्टर और बैनर में भी वीरभद्र सिंह का न तो फोटो नजर आया था और न ही उनके नाम का जिक्र भाषणों में हुआ। इसको लेकर प्रतिभा सिंह का दर्द छलक उठा।

मंगलवार को कांग्रेस नेता ईश्वर दत्त छवारू के निधन पर उनके परिवार से मिलने रोहड़ू पहुंचीं प्रतिभा सिंह से सर्किट हाउस में स्थानीय लोग व कांग्रेस कार्यकर्ता मिलने पहुंचे थे। प्रतिभा सिंह ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन तीखे हमले बोले।

इतनी जल्दी कैसे भुला दिया 

मुख्यमंत्री के रोहड़ू कार्यक्रम का जिक्र करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा, “अभी वीरभद्र सिंह को गए साढ़े चार साल ही हुए हैं, इतनी जल्दी कैसे भुला दिया?” उन्होंने कहा कि न कार्यक्रम के बैनर-पोस्टर में उनकी तस्वीर लगाई गई और न ही भाषण में उनका नाम लिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में वीरभद्र सिंह की अनदेखी का जिक्र किया।

नाम लिया जाना चाहिए 

प्रतिभा सिंह ने कहा कि भाषण में वीरभद्र सिंह का नाम लिया जाना चाहिए था। इससे अगली पीढ़ी को उनके योगदान और व्यक्तित्व के बारे में सीखने का अवसर मिलता। उन्होंने मंच पर मौजूद कांग्रेस नेताओं से भी कहा कि वह यह अपेक्षा करती हैं कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पूर्व नेतृत्व को सम्मान दिया जाए।

वीरभद्र सम्मानित शख्सियत

प्रतिभा सिंह ने सिरमौर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां किसी कार्यक्रम की शुरुआत डा. वाईएस परमार का नाम लिए बिना नहीं होती। परमार आदरणीय और पूजनीय हैं। उसी तरह वीरभद्र सिंह भी सम्मानित शख्सियत हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं की विरासत को आगे बढ़ाना कांग्रेस की परंपरा रही है।

'इन्होंने नहीं लगाई तो हम ही लगा देते'

प्रतिभा सिंह ने कहा कि रोहड़ू कांग्रेस मंडल को भी तल्खी दिखाते हुए कहा कि यदि यह कार्यकर्ताओं व नेताओं की दूरदर्शिता को दर्शाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “इन्होंने नहीं लगाई तो हम ही लगा देते।” उनका कहना था कि स्थानीय कार्यकर्ता वीरभद्र सिंह के 20 बैनर पोस्टर वे लगा लेते तो इससे लोगों को खुशी होती। उन्होंने दूरदर्शिता व छोटी सोच जैसे शब्दों का प्रयोग भी किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा कभी ऐसी नहीं रही कि अपने वरिष्ठ नेताओं को भुला दिया जाए।

वीरभद्र की विरासत पर चर्चा तेज 

उन्होंने एनएसयूआई और युवा कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ताओं का भी उल्लेख किया और कहा कि नई पीढ़ी को पार्टी के इतिहास और वरिष्ठ नेताओं के योगदान से जोड़ना जरूरी है। उनके इस बयान के बाद रोहड़ू में वीरभद्र सिंह की विरासत को लेकर कांग्रेस के भीतर चर्चा फिर तेज हो गई है। युवा कांग्रेस व एनएसयूआई के अध्यक्ष का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भी पोस्टर लगाने चाहिए थे।

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