हिमाचल विधानसभा चुनाव: कांग्रेस में दिग्गजों की दावेदारी से नई पीढ़ी की राह में पेच, 6 वयोवृद्ध नेता मैदान में डटे
हिमाचल कांग्रेस में मिशन-2027 के लिए टिकट वितरण में उम्र बनाम अनुभव का सवाल खड़ा हो गया है, जहां 75 ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव
HighLights
हिमाचल कांग्रेस में 2027 चुनाव के लिए टिकट पर मंथन जारी।
75+ उम्र के दिग्गज नेता अभी भी चुनावी राजनीति में सक्रिय।
नई पीढ़ी के दावेदारों की नजर पार्टी नेतृत्व के फैसले पर।
अनिल ठाकुर, शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में मिशन-2027 की तैयारी के साथ टिकट का सवाल अब उम्र बनाम अनुभव के रूप में उभर रहा है। पार्टी के कई दिग्गज 75 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं, लेकिन चुनावी राजनीति से पीछे हटने के संकेत नहीं दे रहे। उनका रुख फिलहाल पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के फैसले पर टिका है। छह नेता ऐसे हैं।
ये नेता पूरी तरह सक्रिय
85 वर्षीय कैबिनेट मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल, 80 वर्षीय कौल सिंह ठाकुर और 79 वर्षीय ठाकुर सिंह भरमौरी कांग्रेस की बैठकों में सक्रिय हैं और चुनाव लड़ने के संकेत दे रहे हैं। ऐसे में उनके सक्रिय विधानसभा क्षेत्रों में नई पीढ़ी के दावेदारों की नजर भी शीर्ष नेतृत्व के फैसले पर है।
14 महीने में बदल सकते हैं समीकरण
सवाल यही है कि टिकट का तराजू दशकों के अनुभव की ओर झुकेगा या कांग्रेस पीढ़ी परिवर्तन का संदेश देगी। हालांकि विधानसभा चुनाव में अभी करीब 13 से 14 महीने का समय है, जो इस समीकरण को बदल सकता है। संगठन में फेरबदल, नई नियुक्तियां, नेताओं की बढ़ती सक्रियता, आंतरिक सर्वे और हार वाली सीटों की समीक्षा के बाद कई विधानसभा क्षेत्रों में दावेदारों की स्थिति बदल सकती है।
शांडिल : 85 की उम्र में फिर मैदान का संकेत
स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कुछ माह पहले बेटे कर्नल संजय शांडिल को राजनीतिक उत्तराधिकारी बताते हुए अगला चुनाव खुद न लड़ने की बात कही थी। अब उनका रुख शीर्ष नेतृत्व के निर्णय पर निर्भर है। कांग्रेस की बैठकों में उनकी सक्रियता से सोलन में फिर सवाल उठ रहा है अनुभव जारी रहेगा या उत्तराधिकारी की बारी आएगी?
कौल : संन्यास से यू-टर्न ने खोला टिकट का सवाल
द्रंग से आठ बार विधायक, चार बार कैबिनेट मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके 80 वर्षीय कौल सिंह ठाकुर पहले चुनावी राजनीति से हटने की घोषणा कर चुके हैं। बाद में उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व कहेगा तो चुनाव लड़ेंगे। उनकी सक्रियता ने द्रंग में पुराने अनुभव और नई पीढ़ी की दावेदारी को आमने-सामने ला दिया है।
भरमौरी : खुद भी तैयार, बेटे के लिए भी दावेदारी
79 वर्षीय ठाकुर सिंह भरमौरी चुनावी राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने खुद चुनाव लड़ने की इच्छा के साथ बेटे को दूसरे विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारने की भी इच्छा जताई है। यानी कांग्रेस के सामने यहां सिर्फ टिकट का सवाल नहीं, राजनीतिक उत्तराधिकार का सवाल भी है।
रामलाल, किशोरी और चंद्र कुमार भी तस्वीर में
करीब 75 वर्षीय रामलाल ठाकुर एक व्यक्ति-एक पद के सिद्धांत और युवाओं को आगे लाने के समर्थक हैं, लेकिन अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं। बैजनाथ के 79 वर्षीय विधायक किशोरी लाल भी पार्टी के वरिष्ठ चेहरों में हैं। कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार भी उम्रदराज नेताओं में शामिल हैं। उनके बेटे के पार्टी से निष्कासन के बाद उनके विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का अगला चेहरा कौन होगा, यह भी आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
एक साल बाकी, इसलिए तस्वीर अभी धुंधली
कांग्रेस ने हाल में एक सर्वे भी करवाया है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार अगले एक वर्ष में संगठनात्मक बदलाव और नई नियुक्तियों से टिकट के समीकरण बदल सकते हैं। ऐसे में अभी यह तय नहीं कि 2027 में कांग्रेस की टिकट सूची में अनुभव भारी पड़ेगा या नई पीढ़ी को जगह मिलेगी।
