विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'वीरभद्र नाम से पार्टी बनाने की कोशिश नामंजूर', प्रतिभा सिंह ने चुनाव आयोग को पत्र भेज 4 शब्दों पर जताई आपत्ति

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 07 Oct 2026 05:06 PM (IST)Updated: Wed, 07 Oct 2026 05:34 PM (IST)

पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने चुनाव आयोग से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नाम पर राजनीतिक दलों के गठन पर ...और पढ़ें

प्रतिभा सिंह ने वीरभद्र सिंह के नाम से पार्टी बनाने की कोशिश पर चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है।

प्रतिभा सिंह ने वीरभद्र सिंह के नाम से पार्टी बनाने की कोशिश पर चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है।

HighLights

  1. प्रतिभा सिंह ने वीरभद्र सिंह के नाम पर पार्टी गठन पर आपत्ति जताई।

  2. चुनाव आयोग से 'राष्ट्रवादी वीरभद्र कांग्रेस' जैसे नाम रोकने का आग्रह।

  3. राजा, बुशहर नामों के राजनीतिक उपयोग पर भी रोक की मांग।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के नाम और उनकी राजनीतिक विरासत से जुड़े नामों पर प्रस्तावित राजनीतिक दलों के गठन को लेकर पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने चुनाव आयोग के समक्ष आपत्ति जताई है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र भेजकर ‘राष्ट्रवादी वीरभद्र कांग्रेस’ और ‘वीर कांग्रेस’ नाम से किसी राजनीतिक दल के पंजीकरण की अनुमति नहीं देने का आग्रह किया है।

साथ ही ‘राजा’, ‘बुशहर’ और ‘राजा बुशहर’ नामों से दल बनाने के प्रयासों का भी पत्र में उल्लेख किया है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि उन्हें समाचार पत्रों और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से ऐसे प्रयासों की जानकारी मिली है।

दल बनाने की कोई अनुमति नहीं

उन्होंने आयोग से कहा कि किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक दल बनाने की स्वतंत्रता है, लेकिन उनके दिवंगत पति के नाम और उनकी प्रतिष्ठा का इस्तेमाल उनकी अथवा परिवार के किसी सदस्य की अनुमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने या उनके परिवार के किसी सदस्य ने इन नामों से दल बनाने के लिए कोई अनुमति या सहमति नहीं दी है।

भविष्य में भी समान नामों पर रोक की मांग

प्रतिभा सिंह ने आयोग से अनुरोध किया है कि ऐसे नामों अथवा उनसे मिलते-जुलते नामों से अभी या भविष्य में किसी राजनीतिक दल के गठन और पंजीकरण की अनुमति न दी जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि ऐसे किसी आवेदन पर फैसला लेने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए।

‘राजा-बुशहर’ नाम पर भी जताई आपत्ति

पत्र में प्रतिभा सिंह ने कहा है कि ‘राजा’, ‘बुशहर’ और ‘राजा बुशहर’ नाम वीरभद्र सिंह की विरासत से जुड़े हैं। वीरभद्र सिंह पूर्व बुशहर रियासत के शासक परिवार से संबंधित थे। इसलिए इन नामों के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर भी उन्होंने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप का आग्रह किया है।

यह भी पढ़ें: 'अभी 4 साल ही हुए... और भुला दिया', रोहड़ू में वीरभद्र सिंह की अनदेखी पर प्रतिभा का छलका दर्द; तीखा हमला बोला