यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सरकार और संगठन में नहीं होगा कोई बदलाव: शिंदे
शिंदे ने माना कि सरकार व संगठन में तालमेल की कमी है। अब सभी के समक्ष चार सूत्र दिए हैं और मनमुटाव दूर करवा दिया गया है।

शिमला, राज्य ब्यूरो। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सुशील कुमार शिंदे द्वारा सत्ता व संगठन के बीच तालमेल बैठाने के बाद अब एकजुटता से कार्य होगा। शिंदे ने स्पष्ट किया है कि सरकार व संगठन में कोई बदलाव नहीं होगा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सुक्खू के बीच सुलह हो गई है। सुक्खू हर सप्ताह वीरभद्र सिंह को कार्यों की रिपोर्ट सौंपकर चर्चा करेंगे।
साथ ही सप्ताह में एक बार समय निकाल मुख्यमंत्री पार्टी कार्यालय आकर लोगों से मिलेंगे। शिंदे ने माना कि सरकार व संगठन में तालमेल की कमी है। अब सभी के समक्ष चार सूत्र दिए हैं और मनमुटाव दूर करवा दिया गया है। हालांकि यह जरूर है कि वीरभद्र व सुक्खू के बीच संशय निर्माण करने वाले लोग हैं। दोनों तरफ कुछ ऐसे लोग हैं जो दीवार खड़ी करने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए वीरभद्र व सुक्खू ऐसे लोगों से दूरी बनाकर सीधा संवाद करें। वीरभद्र व सुक्खू दोनों को आत्मचिंतन करना होगा कि कौन ऐसे लोग हैं जो उनके, पार्टी व सरकार के बीच फूट व दूरियां पैदा कर रहे हैं जिन्हें अलग किया जाए। संगठन में कोई बदलाव नहीं होगा मगर पशोपेश वाली स्थिति बनाने वाले लोगों को अलग किया जाएगा। हालांकि नेतृत्व को लेकर शिंदे ने कहा कि मिलकर फैसला लिया जाएगा।
शिंदे ने पत्रकारों से कहा कि पार्टी में पहले से ही जोश रहा है। हमारा कल्चर है कि लडऩे के बाद भी एकजुट हो जाते हैं। हम भाजपा की तरह नहीं है कि जिसने पार्टी खड़ी की, उसे ही हटा देते हैं। कांग्रेस में भाजपा जैसा झगड़ा नहीं है। आज से ही संगठन व सरकार मिलकर काम करेंगे और कांग्रेस एक बार फिर प्रदेश में सरकार बनाएगी। यहां अलग-अलग चलने का विवाद दूर हो गया है।
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नए चेहरों को टिकट देगी लेकिन पहले यह देखा जाएगा कि उनमें जीतने की क्षमता है या नहीं और क्या वे अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं? टिकट चयन के लिए अभी समय है और इंतजार करना होगा। जिलों में बैठकें करने के बाद ही टिकटों को लेकर कुछ हद तक स्थिति साफ होगी। पीटरहॉफ में लगे नारों पर शिंदे ने कहा कि नारे लगते रहते हैं। युवा जोश में रहते हुए अपने नेता को आगे लाने के लिए नारेबाजी होती रहती है लेकिन आगे नहीं होगा। कुछ लोगों को नोटिस दिए हैं व कार्रवाई की जाएगी लेकिन अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। नेताओं को चाहिए कि वे अपने लोगों को समझाएं।
शिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष सहित प्रदेश के कई जिलों के दौरे किए जाएंगे। धर्मशाला में 16 व 17 अगस्त को, 18 व 19 अगस्त को मंडी व कुल्लू तथा 20 अगस्त को लाहुल स्पीति का दौरा करेंगे। राजीव गांधी के जन्मदिन पर लाहुल स्पीति में कार्यक्रम किया जाएगा। वहीं, 20 अगस्त को किलाड़ व पांगी में भी कार्यक्रम होंगे। पौने पांच साल में जितने कार्य वीरभद्र सरकार ने किए, उतने कार्य पिछले 17 साल में नहीं हुए हैं।
वहीं, प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री सहित अध्यक्ष व प्रभारी अलग-अलग आए थे। शुक्रवार को शिंदे, वीरभद्र व सुक्खू एक साथ आए और एकजुटता का संदेश दिया। मुख्यालय तक भी शिंदे, सुक्खू व युकां प्रदेश अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह एक ही वाहन में आए। इस दौरान सहप्रभारी रंजीत रंजन, सचिव आशा कुमारी सहित कैबिनेट मंत्री व नेता मौजूद रहे।