यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आईजीएमसी शिमला में आज भी ढ़ाई घंटे हड़ताल पर रहे रेजिडेंट डॉक्टर
आईजीएमसी शिमला में एक महिला प्रोफेसर द्वारा प्रशिक्षु डॉक्टर को थप्पड़ मारने के मामले को लेकर आज भी रेजीडेंट डॉक्टर ढ़ाई घंटे की हड़ताल पर रहे।

शिमला [जेएनएन] : इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में एक महिला प्रोफेसर द्वारा प्रशिक्षु डॉक्टर को थप्पड़ मारने के मामले की जांच की धीमी गति को लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों में अस्पताल प्रशासन के प्रति भारी रोष पैदा हो गया है। इसे लेकर आज भी रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने ढाई घंटे तक हड़ताल कर अपना रुख साफ कर दिया है। इस हड़ताल से मरीजों को खासा परेशान होना पड़ रहा है।
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एसोसिशन के पदाधिकारियों ने आईजीएमसी प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि थप्पड़ मारने वाली महिला प्रोफेसर को मंगलवार तक सस्पेंड नहीं किया गया तो रेजिडेंट डॉक्टर मंगलवार के बाद से पूरे दिन की हड़ताल पर चले जाएंगे और इस दौरान मरीजों को पेश आने वाली दिक्कतों के लिए आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार होंगे। आरडीए के अध्यक्ष अजय जरयाल ने कहा कि फिलहाल मरीजों की दिक्कतों को देखते हुए रेजिडेंट डॉक्टरों ने केवल ढ़ाई से तीन घंटे तक की हड़ताल कर रहे हैं और मंगलवार तक एेसे ही हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी आईजीएमसी ने महिला प्रोफेसर को सस्पेंड नहीं किया जाता है तो पूरा दिन हड़ताल पर बैठेंगे।
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यह था मामला
बीते 23 नवंबर को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में शिशु वार्ड में राउंड पर आई एक महिला चिकित्सक ने प्रशिक्षु डॉक्टर को सवाल का सही जबाव न देने पर सबके सामने थप्पड़ रसीद कर दिया था, जिसके बाद से ही आईजीएमसी में महौल काफी गरमा गया।
