HRTC में 1500 ई-बसों के साथ 100 ग्रीन हाइड्रोजन बसें होंगी शामिल, CM की अध्यक्षता में निर्णय; चालान 2 पे की शुरुआत
हिमाचल प्रदेश सरकार सार्वजनिक परिवहन को डीजल से इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन ईंधन में बदलने की तैयारी में है, जिसके तहत ...और पढ़ें

शिमला में एचआरटीसी की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू।
HighLights
एचआरटीसी में 1500 ई-बसें और 100 ग्रीन हाइड्रोजन बसें शामिल होंगी।
नई ई-बसों की न्यूनतम रेंज 350 किलोमीटर होगी, पहाड़ी इलाकों के लिए उपयुक्त।
मुख्यमंत्री ने 'चालान 2 पे' पहल शुरू की, डिजिटल भुगतान की सुविधा।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार सार्वजनिक परिवहन को डीजल से इलेक्ट्रिक और अब हाइड्रोजन ईंधन की ओर ले जाने की तैयारी कर रही है। राज्य सरकार आने वाले समय में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े में 1500 नई ई-बसें शामिल करेगी। इसके साथ ही 100 ग्रीन हाइड्रोजन बसें और 100 सुपर डीलक्स बसें खरीदने की योजना है। पहाड़ी राज्य में सार्वजनिक परिवहन को कम कार्बन वाले ईंधन पर ले जाने की दिशा में इसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य सचिवालय में एचआरटीसी और परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में बसों की खरीद और चार्जिंग ढांचे की तैयारियों की समीक्षा की गई।
350 किलोमीटर हो न्यूनतम रेंज
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई ई-बसों की न्यूनतम रेंज 350 किलोमीटर हो और उनका चयन हिमाचल की पहाड़ी व कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप किया जाए। एचआरटीसी को अब तक 297 ई-बसें उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। एचआरटीसी के अधिकारी भी अब पैट्रोल व डीजल वाहनों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। सरकार इन्हें 30 ई वाहन उपलब्ध करवाएगी।
ई-बस से 18.19 रुपये प्रति किलोमीटर की बचत
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि ई-बसों के संचालन से एचआरटीसी को प्रति किलोमीटर 18.19 रुपये की बचत हो रही है। इससे निगम के परिचालन खर्च को कम करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल रही है। सरकार अब इलेक्ट्रिक परिवहन के विस्तार के साथ हाइड्रोजन बसों को भी सार्वजनिक परिवहन में शामिल करने की तैयारी कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को प्रदेशभर में ई-चार्जिंग ढांचे के विकास में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऊना जिले में पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने और नालागढ़ स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय को भी इलेक्ट्रिक बसों से संचालित करने की योजना है।
मौके पर ही होगा चालान का डिजिटल भुगतान
परिवहन व्यवस्था को डिजिटल बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘चालान 2 पे’ पहल शुरू की। इसके तहत वाहन चालक चालान का भुगतान मौके पर ही डिजिटल माध्यम से कर सकेंगे। परिवहन विभाग के अधिकारियों को एक्सिस बैंक की ओर से पीओएस मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
नई व्यवस्था में प्रत्येक लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा और चालान की राशि सीधे राज्य कोष में जमा होगी। इससे नकद लेनदेन कम होने के साथ राजस्व के संभावित रिसाव पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। लोगों को चालान जमा करने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे।
चार साल में परिवहन राजस्व 510 से 995 करोड़
समीक्षा बैठक में बताया गया कि परिवहन विभाग का राजस्व वर्ष 2021-22 में 510 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 995 करोड़ रुपये हो गया। मुख्यमंत्री ने विभाग में रिक्त पदों को भरने में सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, निदेशक परिवहन नीरज कुमार, एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक शिवम प्रताप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
