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'लापरवाही से फैसला सुनाने पर जज को रिफ्रेशर कोर्स के लिए भेजने का निर्देश', हिमाचल हाई कोर्ट ने की तीखी टिप्पणी

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 31 Oct 2026 11:56 AM (IST)

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के एक मामले में लापरवाही से फैसला सुनाने पर एक न्यायिक अधिकारी के प्रति नाराजगी व्यक्त की है।

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का परिसर। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का परिसर। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने न्यायिक अधिकारी की लापरवाही पर जताई नाराजगी।

  2. जज को मोटर वाहन अधिनियम का प्राथमिक ज्ञान नहीं।

  3. अधिकारी को विशेष ट्रेनिंग और रिफ्रेशर कोर्स का निर्देश।

विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के मामले में लापरवाही से फैसला सुनाने पर एक न्यायिक अधिकारी (जिला एवं सत्र न्यायाधीश) के प्रति नाराजगी जताई है। न्यायाधीश सुशील कुकरेजा ने टिप्पणी की कि संबंधित अधिकारी के आदेश से स्पष्ट रूप से 'दिमाग का बिल्कुल इस्तेमाल न करना' झलकता है और उन्हें मोटर वाहन अधिनियम के प्राथमिक ज्ञान की भी कमी है।

कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया कि इस फैसले की एक प्रति संबंधित न्यायिक अधिकारी के सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज की जाए और उन्हें हिमाचल प्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी में विशेष ट्रेनिंग और रिफ्रेशर कोर्स के लिए भेजा जाए।

दो गंभीर गलतियां सामने आईं

हाई कोर्ट ने देखा तो ट्रायल कोर्ट के जज की दो गंभीर गलतियां सामने आईं। दुर्घटना 30 दिसंबर 2016 को हुई थी, लेकिन जज ने फैसले में पुरानी बीमा पालिसी को आधार बना लिया, जो सितंबर 2015 से सितंबर 2016 तक ही वैध थी। घटना के समय दूसरी पालिसी लागू थी। वाहन की पालिसी केवल एक 'थर्ड पार्टी लायबिलिटी पालिसी' थी, जिसके लिए कोई अतिरिक्त प्रीमियम नहीं दिया था।

ट्रायल कोर्ट ने गलत आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट के स्थापित कानूनों के अनुसार, एक्ट पॉलिसी में कार के भीतर बिना पैसे दिए बैठे यात्री का जोखिम कवर नहीं होता। ट्रायल कोर्ट ने इसके बावजूद बीमा कंपनी को भुगतान करने का गलत आदेश दे दिया। कोर्ट ने बीमा कंपनी की अपील को स्वीकार करते हुए उसे मुआवजा राशि देने की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया है।

सुंदरनगर का है मामला

मामला 30 दिसंबर 2016 को सुंदरनगर (मंडी) के पास बेही-की-धार में हुई कार दुर्घटना से जुड़ा है, जिसमें कार के पहाड़ी से नीचे खेतों में गिरने के कारण उसमें सवार 'त्रहरू उर्फ केशव' की मौत हो गई थी।

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