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'यह अनावश्यक उत्पीड़न होगा', हिमाचल हाई कोर्ट ने एक कारतूस के साथ पकड़े इजरायली नागरिक के खिलाफ दर्ज FIR रद की

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 01 Nov 2026 01:36 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने इजरायली रिजर्व सैनिक लेवी योनातन के खिलाफ गगल एयरपोर्ट पर जिंदा कारतूस मिलने के मामले में दर्ज एफआईआर रद्द कर दी है।

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने इजरायली सैनिक पर दर्ज एफआईआर को रद्द किया।

  2. गगल एयरपोर्ट पर उसके बैग से एक जिंदा कारतूस मिला था।

  3. अदालत ने इसे अनावश्यक उत्पीड़न और प्रक्रिया का दुरुपयोग माना।

विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने इजरायल रक्षा बलों के एक रिजर्व सैनिक के खिलाफ कांगड़ा जिले के गगल पुलिस थाना में दर्ज प्राथमिकी को रद कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन सी नेगी की खंडपीठ ने कहा कि विदेशी नागरिक पर यह मुकदमा चलाना अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग और अनावश्यक उत्पीड़न होगा, जिससे वह विदेश में फंसा रह जाएगा।

15 अगस्त को पकड़ा था एयरपोर्ट पर

24 वर्षीय इजरायली नागरिक लेवी योनातन 15 अगस्त 2026 को पर्यटक वीजा पर भारत आए थे। 15 सितंबर 2026 को जब वह गगल एयरपोर्ट से घरेलू उड़ान पकड़ रहे थे तब उनके बैग से एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। 

अदालत में दिया तर्क

योनातन ने अदालत में स्पष्ट किया कि वह आइडीएफ में स्टाफ सार्जेंट रह चुके हैं और वर्तमान में एक्टिव रिजर्व सर्विस में हैं। उन्होंने उसी पुराने सैन्य बैग में जल्दबाजी में अपने कपड़े पैक कर लिए थे, जिससे गोली गहरे अस्तर के मोड़ों में छिपी रह गई और उन्हें इसका बिल्कुल अंदाजा नहीं था।

इजरायली दूतावास ने भेजा पत्र

इस मामले में इजरायली दूतावास के डिफेंस अटैची, कर्नल एली टोलेडानो एतान ने अदालत को आधिकारिक पत्र भेजा। पत्र में पुष्टि की कि इजरायल में अनिवार्य सैन्य सेवा के कारण सैनिकों के बैग में अनजाने में गोला-बारूद रह जाना एक सामान्य चूक हो सकती है और इसमें योनातन की कोई आपराधिक मंशा नहीं थी।

हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि आर्म्स एक्ट के तहत केवल हथियार या कारतूस का मिलना काफी नहीं है, बल्कि आरोपित को उसकी मौजूदगी का मानसिक ज्ञान होना जरूरी है। क्योंकि लेवी के पास कोई बंदूक या अन्य संदिग्ध सामान नहीं था, इसलिए सिर्फ एक अकेली गोली मिलने को अंतरराष्ट्रीय तस्करी से नहीं जोड़ा जा सकता।

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