यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Hit and Run Law: हिमाचल में ट्रक चालकों की हड़ताल, थमे वाहनों के पहिये; 80% पेट्रोल पंपों में खत्म हुआ तेल
हिट एंड रन (Hit and run Law) के मामले में अब 10 साल की सजा व जुर्माने का प्रविधान को ...और पढ़ें

HighLights
- पेट्रोल पंपों में पेट्रोल-डीजल खत्म होने से प्रदेश में थमे ट्रकों व छोटे वाहनों के पहिये
- हड़ताल से हिमाचल के 3500 पेट्रोल पंपों में खत्म हुआ तेल
- हिट एंड रन कानून के चलते ट्रक चालक हड़ताल पर हैं।
राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal News: केंद्र सरकार द्वारा ट्रैफिक नियमों में कुछ बदलाव कर दिए गए हैं, जिससे हिट एंड रन (Hit and run Law) के मामले में अब 10 साल की सजा व जुर्माने का प्रविधान को लेकर ट्रक चालक हड़ताल (Truck Drivers Strike in Himachal) पर चले गए हैं। इसका प्रभाव प्रदेश में भी देखने को मिला।
हड़ताल से हिमाचल के 3500 पेट्रोल पंपों में खत्म हुआ तेल
प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों और सीमेंट उद्योगाें में सीमेंट ढुलाई में लगे ट्रकों ने ट्रक खड़े कर दिए हैं और मांग की जा रही है कि सजा की एक दशक की अवधि को वापस लिया जाए। परिणाम स्वरूप प्रदेश के 3500 पेट्रोल पंपों में तेल खत्म हो गया है।
80 फीसदी से ज्यादा पेट्रोल पंपों में पेट्रोल व डीजल खत्म
प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ में सबसे बड़ी ट्रक यूनियन में दस हजार से अधिक ट्रक है। इसके अलावा ऊना, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर चार अन्य जिले भी प्रभावित हुए हैं। प्रदेश के 80 फीसदी से ज्यादा पेट्रोल पंपों में पेट्रोल व डीजल खत्म हो चुका है।
पर्यटकों को हो रही परेशानी
हालत ये देखने में आई कि जो पर्यटक नव वर्ष मनाने के लिए शिमला सहित प्रदेश की अन्य सैरगाहों पर आए थे, जब लौटने के लिए वाहन लेकर पेट्रोल पंपों पर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। क्योंकि अधिकांश पेट्रोल पंपों पर तेल उपलब्ध नहीं था। इसी तरह की स्थिति ट्रक आपरेटरों के सामने पेश आई।
पेट्रोल व डीजल के लिए मची होड़
ट्रक चलाने के लिए पर्याप्त तेल न होने के कारण प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में माल से लदे ट्रक खड़े कर दिए गए हैं। सोमवार को साल के पहले ही दिन ने प्रदेश के लोगों को चौंकाकर रख दिया और सड़कों पर चल रहे वाहनों में अचानक पेट्रोल व डीजल को लेकर होड़ मच गई।
HRTC की अधिकांश बसें कर दी जाएंंगी खड़ी
लोगों को जैसे जैसे इस बात का पता चला तो उनमें गाड़ियों की टंकियां फुल करवाने की होड़ मच गई और जिससे देखते ही देखते प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल की उपलब्धता लगभग जीरो पर आ पहुंची है। शिमला शहर के पेट्रोल पंपों पर सुबह दस बजे ही पेट्रोल खत्म हाे गया था। यदि ट्रक ऑपरेटरों की मांग नहीं मानी गई तो प्रदेश में राज्य पथ परिवहन निगम की अधिकांश बसें खड़ी करने की नौबत आ जाएगी।
