यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Hati Community: हाटी समुदाय को मिला जनजाति का दर्जा, नए साल पर CM सुक्खू ने हिमाचलवासियों को दिया नए साल का तोहफा
नववर्ष के पहले दिन सोमवार को सुक्खू सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में तीन बड़े निर्णय लिए। राज्य सचिवालय में ...और पढ़ें

HighLights
- हाटी समुदाय को मिला जनजाति का दर्जा
- नए साल पर CM सुक्खू ने हिमाचलवासियों को दिया नए साल का तोहफा
- नाहन में हाटी समुदाय को संबोधित करेंगे सीएम
राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal News: नववर्ष के पहले दिन सोमवार को सुक्खू सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में तीन बड़े निर्णय लिए।
शिमला स्थित राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक में सिरमौर जिला के हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा (tribe status to Hati community) देने की घोषणा के साथ अधिसूचना भी जारी कर दी गई। इसके साथ ही गिरिपार के हाटी समुदाय के तीन लाख लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई है।
हाटी समुदाय को मिला जनजाति का दर्जा
बेरोजगारों के लिए राजीव गांधी स्टार्टअप सोलर योजना की घोषणा की गई। दिव्यांग बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए इंटीग्रेटिड स्कूल एवं कॉलेज खोलने का निर्णय गया है।
आर्म्सडेल में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हाटी समुदाय को जनजाति का दर्जा देने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार से हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने के लिए स्पष्टीकरण मांगा था।
नाहन में हाटी समुदाय को संबोधित करेंगे सीएम
प्रदेश सरकार को केंद्र से इसकी सूचना शनिवार रात को प्राप्त हुई। राज्य सरकार ने 10 घंटे में ही घोषणा के अनुरूप अधिसूचना जारी कर दी। अनुसूचित जाति (एससी) के लोगों को इसके दायरे से बाहर रखा जाएगा।
वह लगातार गृह मंत्री से यह मामला उठाते रहे हैं। तीन जनवरी को मुख्यमंत्री नाहन में हाटी समुदाय के लोगों को संबोधित करेंगे। हाटी समुदाय को जनजातीय का दर्जा देने को लेकर केंद्र सरकार ने भी अधिसूचना जारी कर दी थी।
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बेरोजगारी के लिए शुरू की गई स्टार्ट अप योजना
सुक्खू ने कहा कि गांव में रहने वाले बेरोजगारों को स्टार्टअप योजना से जोड़ा गया है। इसके लिए सरकार ने राजीव गांधी स्टार्टअप योजना चरण दो शुरू की जा रही है। इस योजना के तहत बेरोजगार युवा तीन बीघा जमीन देंगे, जिस पर वह सोलर प्लांट लगा सकेंगे।
इसके लिए बेरोजगार युवाओं को जमीन के साथ 10 प्रतिशत सिक्योरिटी मनी देनी होगी। 40 लाख रुपये में 100 किलोवाट का सोलर प्लांट लगेगा, जिसकी सिक्योरिटी मनी चार लाख रुपये जमा करवानी होगी।
क्या है राजीव गांधी स्टार्टअप योजना?
शेष पैसे का इंतजाम सरकार करेगी। हर माह संबंधित व्यक्ति को 20 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। यदि 200 किलोवाट का प्लांट लगाया जाएगा तो माह का 40 हजार रुपये संबंधित व्यक्ति को सरकार देगी।
योजना के लिए सरकार 240 करोड़ रुपये की इक्विटी बिजली बोर्ड को देगी। इस योजना में बेरोजगारों को 25 साल तक पैसा मिलेगा, जो बंजर जमीन पर सोलर प्लांट लगा सकते हैं। इस प्लांट की मेंटेनेंस खुद व्यक्ति को करना होगा।
दिव्यांग बच्चों के लिए बनाया जाएगा शिक्षण संस्थान
मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिव्यांग बच्चों को उच्च शिक्षा की बेहतर व्यवस्था करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इन बच्चों के लिए बेहतर शिक्षण संस्थान बनाया जाएगा। आधुनिक सुख सुविधा से लैस इंटीग्रेटिड स्कूल एवं कॉलेज का निर्माण किया जाएगा।
ये समाज में वंचित बच्चे हैं, जिनके लिए सरकार काम करेगी। इससे पहले पिछले साल अनाथ बच्चों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना लाई गई थी, जिसे सरकार ने धरातल पर उतार दिया है। उन्होंने कहा कि यह काम करके सुखद अनुभव हो रहा है।
राज्यपाल से मिले सीएम
मंत्री मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू मंत्रिमंडलीय सहयोगियों उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कर्नल धनीराम शांडिल, चंद्र कुमार, रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह, विक्रमादित्य सिंह, राजेश धर्माणी व यादविंद्र गोमा के साथ राजभवन पहुंचे। यहां राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद बैठक में लिए निर्णयों की जानकारी देने के लिए आर्म्सडेल पहुंचे।
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विभाग नहीं मिलने तक धर्माणी व गोमा मुख्यमंत्री के सलाहकार
हिमाचल सरकार में शामिल दोनों नए मंत्रियों को विभागों का आवंटन नहीं हुआ है। ऐसे में दोनों में दोनों मंत्री राजेश धर्माणी और यादविंद्र गोमा मुख्यमंत्री के सलाहकार माने जाएंगे।
मंत्रिमंडल की बैठक से पहले विधानसभा सत्र के दौरान हुई मंत्रिमंडल की बैठक में भी दोनों मंत्री शामिल रहे थे। ऐसा प्रविधान है कि जब तक किसी मंत्री के पास कोई विभाग नहीं दिया जाता है तब तक मंत्री मुख्यमंत्री को सलाह दे सकते हैं।
