हिमाचल के राशन डिपो में महंगी मिलेगी चीनी, त्योहारी सीजन में तेल और उड़द दाल की सप्लाई भी नहीं पहुंची दुकान तक
त्योहारी सीजन में हिमाचल प्रदेश के राशन उपभोक्ताओं को मुश्किलें हो रही हैं, जहां चीनी महंगी हुई है वहीं उड़द ...और पढ़ें

हिमाचल के राशन डिपो में चीनी महंगी मिलेगी व दाल और तेल की सप्लाई नहीं पहुंची है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
एपीएल टैक्सपेयर परिवारों के लिए चीनी 48 से 52 रुपये हुई।
सरकारी गोदामों में उड़द दाल और सरसों तेल का स्टॉक खत्म।
त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर बढ़ा अतिरिक्त बोझ।
जागरण संवाददाता, शिमला। त्योहारी सीजन में हिमाचल प्रदेश के राशन उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाली जरूरी खाद्य वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी गोदामों में उड़द की दाल और सरसों के तेल का स्टॉक खत्म होने के कारण इनकी सप्लाई उचित मूल्य की दुकानों तक नहीं पहुंच पा रही है।
वहीं, एपीएल टैक्सपेयर परिवारों के लिए चीनी भी महंगी हो गई है। पहले इन परिवारों को चीनी 48 रुपये प्रति किलो मिलती थी, लेकिन अब 52 रुपये प्रति किलो की दर से मिलेगी।
त्योहारी सीजन में झटका
चीनी की कीमत में चार रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब त्योहारी सीजन में इसकी खपत बढ़ जाती है। मिठाइयों और घर में बनने वाले पकवानों के लिए चीनी की मांग अधिक रहती है। ऐसे में एपीएल टैक्सपेयर परिवारों को बढ़ी हुई दर पर चीनी खरीदने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
उपभोक्ताओं का कहना है कि महंगाई के बीच राशन की कीमतों में बढ़ोतरी परिवारों के खर्च को और बढ़ा रही है।
तेल ओर दाल आउट ऑफ स्टॉक
दूसरी ओर, सरकारी सप्लाई में उड़द की दाल और सरसों का तेल उपलब्ध नहीं होने से उचित मूल्य की दुकानों में इनकी आपूर्ति प्रभावित हुई है। डिपो में स्टॉक नहीं पहुंचने के कारण उपभोक्ताओं को इन वस्तुओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। यदि जल्द आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो लोगों को मजबूरी में बाजार से दाल और तेल खरीदना पड़ेगा।
जेब पर सीधा असर
बाजार में इन वस्तुओं के दाम सरकारी राशन की तुलना में अधिक होने के कारण उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। त्योहार के दौरान पहले ही परिवारों का खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में पीडीएस से मिलने वाली वस्तुएं बाजार से खरीदने की मजबूरी ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
