75 सड़कें बंद, कई वाहन क्षतिग्रस्त.. हिमाचल में आफत की बारिश, बिजली और पानी की सप्लाई ठप
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे 75 सड़कें बंद हो गई हैं, बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
HighLights
हिमाचल में बारिश से 75 सड़कें प्रभावित
किन्नौर में पुल बहा, 13 परिवार हुए विस्थापित
शिमला, सिरमौर में भारी बारिश का अलर्ट जारी
डिजिटल डेस्क, शिमला। शिमला शहर और राज्य के कई हिस्सों में फिर से बारिश हुई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, गुरुवार देर शाम तक बारिश की वजह से 75 सड़कें बंद हो गईं। बिजली वितरण के 29 ट्रांसफॉर्मर (DTRs) प्रभावित हुए और पानी की सप्लाई की पांच योजनाएं बाधित हुईं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार (10 जुलाई) को शिमला और सिरमौर में भारी बारिश का अनुमान लगाया है, जबकि सोलन में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। कुल्लू, मंडी, किन्नौर, हमीरपुर और चंबा में मध्यम बारिश; कांगड़ा, ऊना और बिलासपुर में हल्की से मध्यम बारिश; और लाहौल-स्पीति में हल्की बारिश का अनुमान है।
शिमला शहर के लिए, IMD ने कहा है कि अगले कुछ घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ कहीं-कहीं तेज बारिश का दौर जारी रहने की बहुत संभावना है, जिसके बाद बारिश धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है।

कई परिवार प्रभावित
किन्नौर जिले के पूह उपमंडल के लिप्पा में वीरवार सुबह वर्षा के बाद पेजर नाले में बाढ़ के साथ आए मलबे से तेती खड्ड का बहाव रुक गया। इससे लिप्पा गांव को जोड़ने वाला करीब 100 फीट लंबा लोहे का बेली ब्रिज पानी में डूब गया। पुल बंद होने से सड़क संपर्क बाधित हो गया।
पुल के समीप 12 मकानों के आंगन तक बाढ़ का पानी पहुंचने से 13 परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने इन्हें जीरा फार्म में शिफ्ट कर भोजन की व्यवस्था कर दी है। मलिंग नाला के समीप भूस्खलन से रामपुर-किन्नौर राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया। शिमला के अंतर्गत आकलैंड में डंगा गिरने से पांच वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

लोगों ने भागकर बचाई जान
वीरवार सुबह चंडीगढ़-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुमारहट्टी के समीप, परवाणू से कंडाघाट तक जगह-जगह पहाड़ी से पत्थर गिरते रहे। सोलन में वर्षा के बाद सब्जी मंडी में पानी भर गया। चंबा जिले की कीड़ी पंचायत के गांव कपड़ौथा में बुधवार रात पहाड़ी से मलबा व पत्थर एक मकान के पीछे आ गिरे। प्रभावित परिवार ने भाग कर जान बचाई और रात रिश्तेदारों के घर बिताई, जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें पीएचसी लग्गा में शिफ्ट किया।
