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दीवाली पर भी शिमला में प्राथमिक शिक्षकों का क्रमिक अनशन, 105 दिन से संघर्षरत; धर्मशाला में जुटेंगे 30 हजार लोग

By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 07 Nov 2026 03:22 PM (IST)Updated: Sat, 07 Nov 2026 03:42 PM (IST)

हिमाचल में प्राथमिक शिक्षक दीवाली पर भी 105 दिन से क्रमिक अनशन पर हैं। सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए 15 नवंबर को धर्मशाला में बड़ा प्रदर्शन करेंगे।

हिमाचल प्राथमिक शिक्षक के पदाधिकारी आंदालेन के दौरान। जागरण

हिमाचल प्राथमिक शिक्षक के पदाधिकारी आंदालेन के दौरान। जागरण

HighLights

  1. प्राथमिक शिक्षकों का दीवाली पर भी क्रमिक अनशन जारी है।

  2. सरकार तक आवाज पहुंचाने 15 नवंबर को धर्मशाला में प्रदर्शन।

  3. बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए रविवार चुना।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में एक ओर दीवाली पर लोग खुशियां मनाएंगे, वहीं दूसरी ओर अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत प्राथमिक शिक्षक संघ का क्रमिक अनशन जारी है। त्योहार भी शिक्षकों के आंदोलन का संकल्प नहीं डिगा पाया। 105 दिन से क्रमिक अनशन कर रहे शिक्षकों ने अब सरकार तक अपनी आवाज और मजबूती से पहुंचाने के लिए धर्मशाला में शक्ति प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।

30 हजार लोग जुटेंगे धर्मशाला में

विधानसभा के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले 15 नवंबर को विधानसभा के बाहर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें प्रदेशभर से करीब 30 हजार लोगों के जुटने का दावा संघ ने किया है। 

ये वर्ग भी जुटेंगे

प्राथमिक शिक्षक संघ के इस प्रदर्शन में कार्यरत और सेवानिवृत्त शिक्षकों के अलावा एनटीटी, प्रशिक्षित बेरोजगार, मिड डे मील वर्कर, एसएमसी सदस्य और पंचायत प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। प्रदर्शन से पहले संघ प्रदेश के 67 विधायकों को मांग-पत्र सौंपकर अपना पक्ष रखेगा।

इसलिए चुना रविवार का दिन

शनिवार को सिरमौर के सुरला ब्लाक के पदाधिकारी राजेश चौहान, कुलदीप भंडारी, ललित जसवाल, चमन लाल इसमें शामिल हुए। संघ का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए रविवार को प्रदर्शन का दिन चुना गया है। दिसंबर में शीतकालीन स्कूलों की वार्षिक परीक्षाएं होनी हैं। ऐसे में आंदोलन के बावजूद शिक्षण कार्य प्रभावित न करने का प्रयास किया जा रहा है।

119 दिन से जारी है संघर्ष

संघ ने 11 जुलाई को पैदल न्याय यात्रा के साथ आंदोलन शुरू किया था। इस लिहाज से संघर्ष को 119 दिन हो चुके हैं, जबकि क्रमिक अनशन 105 दिनों से जारी है। दो अक्टूबर से शिक्षक काले बिल्ले लगाकर पढ़ा रहे हैं। 23 अक्टूबर को निदेशक स्कूल शिक्षा के साथ हुई बैठक में कुछ मांगों पर सहमति नहीं बन पाई थी। इसके बाद संघ ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया। संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक गांधीवादी तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।

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