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हिमाचल में मुख्यमंत्री सुखी परिवार योजना की पात्रता जांच के लिए विशेष ग्रामसभाएं तय, नोटिस बोर्ड पर लगेंगी लिस्ट

By Dinesh Katoch Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 07 Nov 2026 02:25 PM (IST)Updated: Sat, 07 Nov 2026 02:43 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश में 'मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना' के तहत चयनित परिवारों की पात्रता जांच के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने नौ चरणों की नई प्रक्रिया तय की है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू । जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू । जागरण आर्काइव

HighLights

  1. पात्रता जांच के लिए नौ चरणों की नई प्रक्रिया तय।

  2. 16-18 नवंबर को विशेष ग्रामसभाएं सत्यापन हेतु आयोजित होंगी।

  3. अपात्र परिवारों के नाम हटाने का अधिकार खंड स्तरीय समिति को।

संवाद सहयोगी, जसवां परागपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के तहत चयनित परिवारों की पात्रता की जांच के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने नई प्रक्रिया तय की है। नौ चरणों में किए गए सर्वेक्षण के आधार पर चिह्नित परिवारों की समेकित सूचियों का अंतिम सत्यापन होगा। विभाग के निदेशक राघव शर्मा ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं।

पंचायत सचिवों को 10 नवंबर तक ग्राम पंचायतवार स्वीकृत और अधिसूचित परिवारों की सूचियां पंचायतों के सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करनी होंगी।

कब होंगी विशेष ग्रामसभाएं 

प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में 16 से 18 नवंबर तक विशेष ग्रामसभाएं होंगी। इनमें सूचियों पर चर्चा कर लोगों को सत्यापन का अवसर दिया जाएगा। उपायुक्त ग्राम पंचायतवार बैठकों की तिथियां तय करेंगे और बैठक से पहले प्रचार-प्रसार करेंगे। इन विशेष ग्रामसभाओं के लिए गणपूर्ति की शर्त लागू नहीं होगी।

दे सकेंगे आपत्ति

कोई भी पंचायत निवासी अधिसूचित सूची में शामिल अपात्र परिवार के नाम पर 20 नवंबर तक पंचायत सचिव के पास लिखित आपत्ति दे सकता है। आपत्ति में परिवार की स्पष्ट पहचान, पात्रता या अपात्रता संबंधी नियमों के उल्लंघन का आधार और दस्तावेजी साक्ष्य देना अनिवार्य होगा। गुमनाम शिकायत, बिना प्रमाण की आपत्ति और अस्पष्ट आरोप स्वीकार नहीं होंगे। पंचायत सचिव ऐसी आपत्तियां निरस्त कर सकेंगे।

समति करेगी जांच

आपत्तियों की जांच पंचायत सचिव, पटवारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की संयुक्त क्षेत्रीय समिति करेगी। समिति निर्धारित मानदंडों के आधार पर जांच कर कारणों सहित रिपोर्ट और संस्तुतियां खंड स्तरीय समिति को सौंपेगी। यह काम 25 नवंबर तक पूरा करना होगा।

खंडस्तरीय समिति करेगी विचार

क्षेत्रीय समिति की रिपोर्ट और आपत्तियों पर उपमंडलाधिकारी (नागरिक) की अध्यक्षता वाली खंड स्तरीय समिति विचार करेगी। यह वही समिति है जिसने पहले सूचियों को स्वीकृति दी थी। जरूरत पड़ने पर संबंधित परिवार को पक्ष रखने का अवसर दिया जा सकेगा और समिति अन्य विभागों से जानकारी ले सकेगी। अपात्र पाए गए परिवार का नाम हटाने का आदेश केवल यही समिति दे सकती है। 

30 नवंबर तक पूरी होगी प्रक्रिया

निर्णय ग्राम पंचायतों को भेजे जाएंगे और सूचियों तथा विभागीय पोर्टल में जरूरी संशोधन होंगे। पूरी प्रक्रिया 30 नवंबर तक पूरी करने का लक्ष्य है। यह कवायद केवल पहले से अधिसूचित परिवारों की पात्रता जांचने के लिए है, नया सर्वेक्षण या पहचान प्रक्रिया दोबारा शुरू करने के लिए नहीं।

ग्रामसभाएं समीक्षा और पारदर्शिता का मंच होंगी।निर्देश सभी उपमंडलाधिकारी (नागरिक), जिला विकास अधिकारियों, जिला पंचायत अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को भेजे गए हैं। जिला विकास अधिकारी कांगड़ा अभिनीत कात्यान शर्मा ने इन दिशा-निर्देशों की पुष्टि की है।

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