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फोरलेन प्रभावित भवन मालिकों को राहत, हिमाचल हाई कोर्ट के निर्देश; शेष मकान के नुकसान का भी होगा आकलन

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 07 Nov 2026 01:49 PM (IST)Updated: Sat, 07 Nov 2026 01:54 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने फोरलेन से प्रभावित भवन मालिकों को बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने आदेश दिया है ...और पढ़ें

हिमाचल हाई कोर्ट ने फोरलेन भवन प्रभावितों के पक्ष में फैसला दिया है। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल हाई कोर्ट ने फोरलेन भवन प्रभावितों के पक्ष में फैसला दिया है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. शेष भवन के नुकसान का भी होगा आकलन।

  2. उचित मुआवजा मिलने तक ध्वस्तीकरण पर रोक।

  3. समिति दो सप्ताह में मामले पर निर्णय लेगी।

सहयोगी, पद्धर (मंडी)। पठानकोट-मंडी फोरलेन निर्माण से प्रभावित भवन मालिकों को राहत देते हुए हिमाचल प्रदेश हाई कोई ने शेष भवन को हुए नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। पद्धर से बिजनी के एक मामले में पांच नवंबर को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्पष्ट किया कि भवन का आधा हिस्सा अधिग्रहित होने के कारण शेष हिस्से को हुए नुकसान का भी नियमानुसार आकलन किया जाए। साथ ही आवश्यक कार्रवाई पूरी होने तक संबंधित व्यावसायिक भवन को ध्वस्त अथवा तोड़ने पर रोक लगाई है।

समिति को कार्रवाई के निर्देश

फोरलेन समन्वय समिति के सचिव महेंद्र गुलेरिया ने बताया कि न्यायालय ने प्रदेश सरकार द्वारा उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति को मामले में उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन समिति के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है, जबकि समिति को अगले दो सप्ताह के भीतर उस पर निर्णय लेना होगा। 

पक्ष को सुनवाई का उचित अवसर मिले

उन्होंने बताया कि न्यायालय ने समिति को संबंधित पक्ष को सुनवाई का उचित अवसर देने, मामले में उचित आदेश पारित करने और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। आदेश का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जब तक न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई पूरी नहीं होती, तब तक संबंधित व्यावसायिक भवन को ध्वस्त अथवा तोड़ा नहीं जाएगा।

भवनों की उपयोगिता और सुरक्षा प्रभावित

समिति के अनुसार फोरलेन निर्माण के दौरान कई भवनों का कुछ हिस्सा अधिग्रहित होने से शेष भवन की उपयोगिता और सुरक्षा प्रभावित हुई हैं। ऐसे में प्रभावित भवन मालिकों को केवल अधिग्रहित हिस्से का मुआवजा मिलने से शेष भवन को हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो पाती।

फोरलेन समन्वय समिति ने इस आदेश को प्रभावित परिवारों के हित में महत्वपूर्ण बताते हुए प्रशासन और एनएचएआइ से आग्रह किया है कि अन्य प्रभावित भवन मालिकों की शिकायतों पर भी निष्पक्षता से विचार किया जाए। समिति ने कहा कि उचित आकलन और कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना किसी भी परिवार को नुकसान की स्थिति में नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

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