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Snowfall: हिमाचल में 11 जगह माइनस में पहुंचा तापमान, क्यों जरूरी है बर्फबारी, इस बार क्यों हुई देरी?

By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 24 Jan 2026 07:08 PM (IST)

Himachal Pradesh Snowfall, हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और हिमपात हुआ है, जिससे तापमान जमाव बिंदु से नीचे चला गया ...और पढ़ें

जिला चंबा के चुराह में हुआ भारी हिमपात। जागरण

जिला चंबा के चुराह में हुआ भारी हिमपात। जागरण

HighLights

  1. हिमाचल में भारी बारिश, कई जगहों पर सामान्य से 4000% अधिक।

  2. 11 स्थानों पर न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से नीचे, शीतलहर जारी।

  3. बर्फबारी कृषि, जल योजनाओं और पर्यटन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में लागातर सूखे के बाद एक दिन में प्रदेश में सामान्य से 548 से चार हजार प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश में बीते चौबीस घंटों के दौरान 44.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई जो सामान्य से 1622 प्रतिशत अधिक है, जबकि जिला आधार पर जिला ऊना में सामान्य से 4069 प्रतिशत अधिक, सोलन में सामान्य से 4097 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

क्यों देरी से हुआ हिमपात

हिमाचल प्रदेश में इस बार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने के कारण इस बार देर से हिमपात और वर्षा हुई है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय जरूर हुआ, लेकिन काफी कमजोर रहा। 

क्यों जरूरी है बर्फबारी

पर्यावरण विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मुख्य विज्ञानी डॉ. सुरेश चंद का कहना है कि बर्फबारी होने का सबसे बड़ा लाभ कृषक बागबानी और पानी की योजनाओं को होता है। यही नहीं पर्यटन उद्योग के साथ ग्लेशियरों में अधिक बर्फ होने से पनविद्युत परियोजनाओं में बेहतर उत्पाद, गर्मियों के दिनों के लिए पानी की कमी नहीं होती। वर्षा का पानी बह जाता है, जबकि हिमपात होने से भूमि में ज्यादा और अधिक समय तक नमी रहती है। पेड़ पौधों में रोग कीट न लगें, इसके लिए बर्फ बहुत काम करती है।

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हिमाचल में कहां हुआ सबसे ज्यादा हिमपात

शिमला में हेली टैक्सी शनिवार को प्रभावित रही जबकि रेल सेवा पहुंची। प्रदेश में सबसे अधिक हिमपात कोठी में 3.5, गोंदला में 2.8, केलंग में 2.5, खदराला व कुफरी में 2.3, मनाली व शिमला में करीब सवा से डेढ़ फीट ताजा हिमपात हुआ। 

तेज हवाओं से छतें व पेड़ उखड़ गए

प्रदेश में देर रात और सुबह के समय भी 40 सें 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चली। नारकंडा में 81, कुफरी में 80, मशोबरा में 74, शिमला में 70 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चली। इस कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और छतें भी उखड़ गई। कई घरों में खिड़कियां और दरवाजों को नुकसान हुआ। चार हजार के करीब ट्रांसफार्मरों के खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित है।

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तीन दिन तेवर दिखाएगा मौसम

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि 25 जनवरी को प्रदेश के ऊंचे क्षेत्रों में कुछ एक स्थानों पर हिमपात व वर्षा का अनुमान है, जबकि 26 और 27 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ और तेज होगा। इस कारण प्रदेश में व्यापक और भारी हिमपात का यलो अलर्ट जारी किया है।

प्रदेश में न्यूनतम तापमान में करीब 7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में ठंड के तेवर कड़े रहने वाले हैं।

11 स्थानों पर न्यूनतम तापमान जमावबिंदू से नीचे

प्रदेश में 11 स्थानों पर न्यूनतम तापमान पहली बार इस सीजन में जमावबिंदु से नीचे चल रहा है। शिमला में सबसे ज्यादा ठंड रही। नौ स्थानों पर शीतलहर का प्रकोप रहा। प्रदेश में सबसे कम तापमान कुकुमसेरी में -7.2, ताबो में -6.0, नारकंडा में -4.2, कल्पा -3.8, कुफरी -2.5, पालमपुर -1.5, जुब्बड़हट्टी -1.0, मशोबरा -0.9, शिमला -0.5, मनाली -0.4, सराहन -0.3 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश में सभी स्थानों का न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री से कम दर्ज किया गया।

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