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राजस्थान को रोशन करेगा हिमाचल, 1300 मेगावाट बिजली बेचेगा बोर्ड; दोगुनी होगी कमाई

By Rohit Nagpal Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 03 Nov 2026 06:39 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश ने राजस्थान के साथ 1300 मेगावाट बिजली आपूर्ति का करार किया है, जिससे राज्य की बिजली बिक्री से ...और पढ़ें

हिमाचल बिजली बोर्ड राजस्थान को आपूर्ति करेगा। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल बिजली बोर्ड राजस्थान को आपूर्ति करेगा। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. हिमाचल ने राजस्थान से किया 1300 मेगावाट बिजली आपूर्ति करार।

  2. बिजली बिक्री से प्रदेश की आय दोगुनी होकर 3000 करोड़ होगी।

  3. फरवरी 2027 तक 15.50 रुपये प्रति यूनिट की दर तय।

जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश को बिजली बिक्री से इस बार बेहतर कमाई होने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार ने राजस्थान के साथ बिजली आपूर्ति का करार किया है। इसके तहत राजस्थान फरवरी 2027 तक हिमाचल से 1300 मेगावाट तक बिजली खरीदेगा। इसके लिए 15.50 रुपये प्रति यूनिट की दर तय की गई है।

दोगुनी होगी कमाई

बेहतर दर पर बिजली बेचने से प्रदेश की आय में बढ़ोतरी होने की संभावना है। पिछले कुछ वर्षों में हिमाचल प्रदेश बिजली बेचकर सालाना करीब एक से डेढ़ हजार करोड़ रुपये तक की आय अर्जित करता रहा है। इस बार यह आंकड़ा बढ़कर करीब 3000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

यानी पिछले साल के मुकाबले बिजली बिक्री से होने वाली कमाई लगभग दोगुनी हो सकती है। राजस्थान के साथ हुए इस करार से प्रदेश को लंबे समय तक बिजली बेचने का अवसर मिला है।

राजस्व बढ़ाने पर जोर

वहीं, ऊर्जा विभाग अन्य राज्यों के साथ भी बिजली खरीद-बिक्री के करार कर राजस्व बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। इससे प्रदेश को उपलब्ध अतिरिक्त बिजली का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। सर्दियों के दौरान हिमाचल में भी बिजली की मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे में राजस्थान को बिजली आपूर्ति और प्रदेश की घरेलू जरूरतों के बीच संतुलन बनाना बिजली बोर्ड के लिए चुनौती रहेगा।

खरीदनी पड़ सकती है बिजली

मांग बढ़ने पर राज्य बिजली बोर्ड को दो-तीन अन्य राज्यों से बिजली खरीदनी पड़ सकती है या प्रदेश सरकार से उपलब्ध बिजली खरीदकर आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखनी होगी। इससे पहले राज्य सरकार अपने हिस्से की बिजली बोर्ड को देता था। अब इस बार सर्दियों में बोर्ड को बिजली की आपूर्ति के लिए इसे बाहर से खरीदनी होगी।

राज्य में गर्मी व बरसात में बिजली उत्पादन ज्यादा होता है, सर्दियों में बिजली का उत्पादन कम होता है, इसे पूरा करने के लिए पहले बैंकिंग की बिजली मिलती थी, अब बोर्ड को पूरी तरह से खरीद पर ही निर्भर रहना पड़ेगा।

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