हिमाचल प्रदेश में 17% बढ़ गए सड़क हादसे, मंडी जिले में इस साल सबसे ज्यादा एक्सीडेंट; आखिर क्या है वजह?
हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसों में 17.8% की चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है, 2026 में अब तक 1,476 दुर्घटनाएं हुई हैं। मंडी जिले में सर्वाधिक हादसे हुए।

हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसों में वृद्धि हुई है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
हिमाचल में सड़क हादसों में 17.8% की वृद्धि।
मंडी जिले में सर्वाधिक 194 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज।
संकीर्ण सड़कें, तेज गति, नियमों की अनदेखी मुख्य कारण।
जागरण संवाददाता, शिमला। पर्यटन राज्य हिमाचल प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार चिंता बढ़ा रहा है। वर्ष 2026 में अब तक राज्य में 1,476 सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं, जबकि वर्ष 2025 की इसी अवधि में यह आंकड़ा 1,253 था। इस तरह दुर्घटनाओं की संख्या में 223 की बढ़ोतरी हुई है, जो लगभग 17.8 प्रतिशत है। आईटीएमएस और एआई तकके इस्तेमाल के बावजूद हादसों में वृद्धि ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियमों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंडी में सबसे ज्यादा हादसे
हिमाचल प्रदेश पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष सबसे अधिक 194 सड़क हादसे मंडी जिले में दर्ज किए गए। शिमला 186 दुर्घटनाओं के साथ दूसरे स्थान पर रहा। सिरमौर में 157, ऊना में 134, सोलन में 122, कांगड़ा में 121 और कुल्लू में 117 हादसे हुए। बद्दी पुलिस जिला में 95, बिलासपुर में 84, देहरा पुलिस जिला में 61, हमीरपुर में 59, नूरपुर पुलिस जिला में 45, चंबा में 44 और किन्नौर में 31 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। लाहौल-स्पीति में सबसे कम 26 हादसे हुए।
गत वर्ष शिमला में सबसे अधिक हादसे
वर्ष 2025 की इसी अवधि में शिमला 169 सड़क दुर्घटनाओं के साथ पहले स्थान पर था। मंडी में 160, सिरमौर में 128, ऊना में 118, सोलन में 102, कांगड़ा में 98, कुल्लू में 97, बद्दी में 85, बिलासपुर में 84, नूरपुर में 51, चंबा में 47, हमीरपुर में 41, देहरा में 31 और किन्नौर में 27 हादसे दर्ज किए गए थे। लाहौल-स्पीति में उस दौरान 15 दुर्घटनाएं हुई थीं। तुलनात्मक आंकड़े बताते हैं कि सड़क हादसों की समस्या कई जिलों में बनी हुई है।
हादसों का कारण
हिमाचल प्रदेश पहाड़ी राज्य है। यहां तंग सड़कें और तीखे मोड़ भी हादसे की बड़ी वजह हैं। साथ ही पहाड़ी सड़कों पर बैरिकेड की कमी के कारण भी हादसे होते हैं। पहाड़ों से गिरते पत्थर और भूस्खलन भी हादसे की वजह है। प्रदेश में कुछ वर्षों में फोरलेन हाईवे का निर्माण हुआ है, यहां ओवर स्पीड की वजह से भी हादसे हो रहे हैं। नियमों की अनदेखी भी भारी पड़ रही है।
हादसे रोकने के लिए उपाय
हादसे रोकने के लिए सबसे अहम है कि पहाड़ी राज्य में यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें। पहाड़ी सड़कों पर बैरिकेड व अन्य सुरक्षा उपाय किए जाएं। हाईवे पर वाहन चलाने के लिए प्रदेश के ड्राइवर्स को जागरूक किया जाए। भूस्खलन रोकने के लिए सुरक्षा कार्य किए जाएं।
