Himachal Panchayat Chunav: कब लागू होगी चुनाव आचार संहिता और कब आएगा आरक्षण रोस्टर? ...पंचायतों में तीन माह प्रशासक
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देश पर 30 अप्रैल तक पंचायत और शहरी निकाय चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी। राज्य ...और पढ़ें

हिमाचल पंचायत चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
उच्च न्यायालय के निर्देश पर 30 अप्रैल तक चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी।
15 मार्च के बाद आदर्श आचार संहिता लागू होने की संभावना है।
28 फरवरी तक आरक्षण रोस्टर और मतदाता सूचियां होंगी तैयार।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशों के आधार पर 30 अप्रैल से पहले पंचायतों और शहरी निकायों की चुनावी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग इसकी तैयारी में जुटेगा। अब सवाल उठ रहा है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता कब तक लागू होगी।
क्यास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश में 15 मार्च के बाद आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो सकती है, जिससे निर्धारित समय अवधि में चुनाव प्रक्रिया पूरी हो सके।
कब आएगा आरक्षण रोस्टर
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार को मिलकर चुनाव करवाने और 28 फरवरी तक आरक्षण रोस्टर व मतदाता सूचियों सहित सारी प्रक्रियाओं को पूरा करने को कहा है। ऐसी स्थिति में चुनाव का शेड्यूल इस आधार पर तय किया जाएगा, जिससे आगामी बजट सत्र पर असर न हो। आदर्श चुनाव आचार संहिता के लागू होने पर बजट सत्र और बजट अनुमान पारित नहीं हो सकते।
राज्य निर्वाचन आयोग करेगा बैठक
ताजा निर्देश के आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ जल्द बैठक करेगा। जिसके लिए पत्र लिखा जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियां पूरी हैं और आरक्षण रोस्टर के जारी होने के अलावा मतदाता सूचियों को अधिसूचित किया जाना है जो जिला उपायुक्तों द्वारा की जानी है।
तीन माह के लिए प्रशासक के साथ लगाई जाएगी समिति
प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है। ऐसे में तीन माह के लिए प्रशासक और तीन सदस्यीय समिति को लगाना पड़ेगा। 16 जनवरी को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में इस मसले को लेकर निर्णय लिया जा सकता है कि प्रशासक किसे लगाया जाना है।
आयोग की पुरानी सारी तैयारियों के आधार पर चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग की पुरानी तैयारी, जिसमें मतदाता सूचियों को तैयार कर लिया गया है उसके आधार पर चुनाव होंगे। हालांकि सात नई पंचायतों का गठन करने की प्रक्रिया और करीब 74 पंचायतों के पुनर्गठन की बात है उसमें सरकार और आयोग सहमति के आधार पर बदलाव कर सकते हैं।
चुनाव की पूरी प्रक्रिया तक चाहिए 35 दिन
अधिसूचना के जारी होने से चुनाव संपन्न करवाने तक करीब 35 दिन के समय की आवश्यकता होती है। चुनाव संबंधी अधिसूचना तब जारी हो सकती है जब आरक्षण रोस्टर जारी हो जाए और मतदाता सूचियां भी अधिसूचित हो जाए। उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद अब एक साथ पंचायती राज संस्थाओं की तीन स्तरीय प्रणाली में पंचायतों, ब्लाक समिति, जिला परिषद, शिमला को छोड़ सात नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों के चुनाव हो सकेंगे। इससे पैसों और समय की भी बचत होगी। यही नहीं अब भविष्य में जनवरी के स्थान पर अप्रैल में चुनाव करवाने का रास्ता साफ हो जाएगा।
आयोग दिसंबर में करवाना चाह रहा था चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग दिसंबर में चुनाव करवाना चाह रहा था। इसके लिए शिक्षा विभाग की परीक्षाओं के शेड्यूल को बदलवाया गया था। यही नहीं अगस्त से मतदाता सूचियों को तैयार करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
