हिमाचल सरकार पर हाई कोर्ट ने लगाया सशर्त 50 हजार रुपये जुर्माना, शिमला नगर निगम मेयर मामले में लिया एक्शन
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला नगर निगम के मेयर का कार्यकाल बढ़ाने के मामले में राज्य सरकार पर 50 हजार ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव
HighLights
हाईकोर्ट ने हिमाचल सरकार पर 50 हजार जुर्माना लगाया।
शिमला मेयर कार्यकाल विस्तार मामले में हुई कार्रवाई।
सरकार को दो दिन में जवाब दाखिल करने का निर्देश।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला नगर निगम के मेयर का कार्यकाल बढ़ाने से जुड़े मामले में राज्य सरकार पर 50 हजार का सशर्त जुर्माना लगाया है। अदालत ने यह जुर्माना सरकार की ओर से समय पर जवाब दाखिल न करने पर लगाया और शहरी विकास विभाग को भी नोटिस जारी किया है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने पाया कि राज्य सरकार द्वारा दायर जवाब अभी भी आपत्तियों के दायरे में है और दोबारा दाखिल नहीं किया गया है।
दो दिन में जवाब रिकॉर्ड में लाने का निर्देश
ऐसे में अदालत ने सरकार को दो दिन के भीतर आपत्तियां दूर कर जवाब रिकॉर्ड पर लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि याचिका पर सुनवाई पूरी की जा सके। यह मामला शिमला नगर निगम के मेयर का कार्यकाल ढाई से पांच वर्ष बढ़ाने के लिए लाए गए अध्यादेश से जुड़ा है।
क्या बोले, याचिकाकर्ता के वकील
याचिकाकर्ता के एडवोकेट सुधीर ठाकुर ने बताया कि राज्य सरकार ने इस संबंध में अध्यादेश लाकर इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा था, लेकिन राज्यपाल ने अभी तक इस पर सहमति नहीं दी है। याचिका में यह भी कहा गया है कि यह अध्यादेश हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 36 और निर्धारित रोस्टर के खिलाफ है।
अगली सुनवाई तय
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी 2026 को तय की है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि अंतरिम अवधि में राज्य सरकार स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल करे, क्योंकि यह दलील दी गई है कि संबंधित अध्यादेश की अवधि समाप्त हो रही है।
