हिमाचल में अस्पताल पहुंचने से पहले शुरू हो जाएगा उपचार, 108 एंबुलेंस में मिलेगी टेली-ECG सहित जरूरी आपात चिकित्सा
हिमाचल प्रदेश में 108 एंबुलेंस सेवा को मजबूत करने के लिए नए चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में अब 108 एंबुलेंस में आपात उपचार मिलेगा। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
108 एंबुलेंस में नए चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
टेली-ईसीजी से अस्पताल पहुंचने से पहले मिलेगी हृदय संबंधी जानकारी।
सड़क हादसों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को मिलेगा लाभ।
जागरण संवाददाता, शिमला। 108 एंबुलेंस सेवा में अब चिकित्सा सुविधाओं को और मजबूत करने की तैयारी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने एंबुलेंस के लिए नए मेडिकल उपकरण उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया शुरू की है। इसका उद्देश्य मरीज को अस्पताल पहुंचने से पहले जरूरी प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध करवाना और रास्ते में उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखना है।
नई सुविधाओं से सड़क हादसे में घायल मरीजों, सांस लेने में परेशानी, हृदय संबंधी आपात स्थिति, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को लाभ मिलेगा।
जुटाएंगे मेडिकल उपकरण
180 एंबुलेंस के लिए मेडिकल उपकरण जुटाने की तैयारी है। नई व्यवस्था में टेली-ईसीजी को महत्वपूर्ण सुविधा माना जा रहा है। एंबुलेंस में ही मरीज का ईसीजी करने के बाद उसकी रिपोर्ट चिकित्सकीय टीम तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे हृदयाघात या हृदय संबंधी अन्य आपात स्थिति में अस्पताल की टीम मरीज के पहुंचने से पहले उसकी स्थिति के बारे में जानकारी हासिल कर सकेगी। पहाड़ी क्षेत्रों में यह सुविधा ज्यादा महत्वपूर्ण होगी, जहां अस्पताल तक पहुंचने में कई बार लंबा समय लग जाता है।
प्रदेश में कितनी एंबुलेंस
प्रदेश में वर्तमान में 248 एनएएस-108 एंबुलेंस संचालित हैं। इनमें 35 एएलएस और 213 बीएलएस एंबुलेंस शामिल हैं। 35 एंबुलेंस को एक अस्पताल से दूसरे रेफर किए जाने वाले मरीजों को पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
यह उपकरण उपलब्ध करवाने की तैयारी
एंबुलेंस में इलेक्ट्रिक सक्शन मशीन और नेबुलाइजर जैसे उपकरण उपलब्ध करवाए जाने हैं। सांस की नली में द्रव या अन्य सामग्री जमा होने की स्थिति में सक्शन मशीन उपयोगी होगी। सांस संबंधी परेशानी वाले मरीज को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नेबुलाइजेशन देने में सुविधा मिलेगी। पल्स आक्सीमीटर, ग्लूकोमीटर और रक्तचाप जांचने के उपकरणों से मरीज की जरूरी जांच रास्ते में ही की जा सकेगी।
हादसों में सुरक्षित तरीके से होगा उपचार
सड़क हादसे में घायल मरीजों के लिए स्पाइन बोर्ड, स्कूप स्ट्रेचर, सर्वाइकल कालर और विभिन्न प्रकार के स्प्लिंट भी प्रस्तावित हैं। इससे रीढ़, गर्दन या हाथ-पैर में चोट वाले मरीज को सुरक्षित तरीके से उठाकर एंबुलेंस में स्थानांतरित करने और अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलेगी। बच्चों के लिए पीडियाट्रिक अंबू बैग और गर्भवती महिलाओं के लिए फीटल डाप्लर जैसे उपकरण भी सूची में शामिल हैं।
