आशा वर्कर्स के माध्यम से चिट्टा तस्करों तक पहुंचेगी हिमाचल पुलिस, नशे के नेटवर्क पर मार करने के लिए बना प्लान
हिमाचल पुलिस ने चिट्टा तस्करी रोकने के लिए सामुदायिक स्तर पर अभियान तेज किया है, जिसमें आशा वर्कर्स को भी शामिल किया जा रहा है।

हिमाचल पुलिस चिट्टे के खिलाफ आशा वर्कर्स की मदद लेगी। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
आशा वर्कर्स को नशे के कारोबार की जानकारी जुटाने में शामिल किया।
नशा प्रभावित पंचायतों में सामुदायिक पुलिसिंग बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
स्कूलों में छात्रों को नशे व साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया।
रोहित शर्मा, शिमला। हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी पर अंकुश लगाने और नशे के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस ने अब सामुदायिक स्तर पर अभियान तेज कर दिया है। नशा प्रभावित पंचायतों में आशा वर्कर्स को भी इस मुहिम से जोड़ने की तैयारी है। पुलिस उनसे क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों और नशे के कारोबार से जुड़ी जानकारियां जुटाएगी, ताकि नशे की आपूर्ति करने वालों तक पहुंचने में मदद मिल सके।
इसके साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों, महिला मंडलों और स्थानीय लोगों को भी अभियान का हिस्सा बनाया जा रहा है। पुलिस की ओर से नशा प्रभावित पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
संदिग्ध स्थान चिह्नित कर बनाई रणनीति
पुलिस थाना झाकड़ी के अंतर्गत नशा प्रभावित पंचायत शाहधार में दूसरे चरण की बैठक आयोजित की गई। तहसीलदार रामपुर बुशहर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों और आशा वर्कर्स ने भाग लिया। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में कुछ संदिग्ध स्थानों को चिह्नित कर वहां पुलिस गश्त बढ़ाने और औचक निरीक्षण करने के सुझाव दिए। पुलिस ने लोगों को नशे के दुष्प्रभावों और अपराधों की रोकथाम में जनसहयोग के महत्व के बारे में भी बताया।
इन पंचायतों में की बैठकें
रामपुर बुशहर के अंतर्गत भड़ावली और दत्तनगर पंचायतों में भी सामुदायिक पुलिसिंग बैठकें आयोजित की गईं। इनमें लोगों से नशे से जुड़ी अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई। वहीं, ननखड़ी पंचायत में आयोजित जागरूकता बैठक में चिट्टा, चरस, शराब सहित अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों पर चर्चा की गई।
स्कूलों में भी अभियान तेज
पुलिस का अभियान केवल पंचायतों तक सीमित नहीं है। स्कूलों में भी विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के साथ साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जुब्बल में विद्यार्थियों को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, फिशिंग और एपीके फाइल के जरिये होने वाले साइबर अपराधों की जानकारी दी गई।
वहीं, झाकड़ी पब्लिक स्कूल में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत करीब 100 विद्यार्थियों और शिक्षकों को ऑनलाइन सुरक्षा, साइबर उत्पीड़न और सेक्सटॉर्शन से बचाव के तरीके बताए गए। नेरवा के एसडी पब्लिक स्कूल के वार्षिक समारोह में करीब 350 विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ नशा विरोधी अभियान को लेकर संवाद किया गया।
नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस युद्धस्तर पर काम कर रही है। जहां नशा तस्करों पर पुलिस की कार्रवाई जा रही है। वहीं जन प्रतिनिधियों के सहयोग से जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे है। पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर आशा वर्कर्स का पुलिस सहयोग ले रही है। साथ ही स्कूलों में जागरूकता अभियान जारी है।
-गौरव सिंह, एसएसपी, शिमला।
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