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हिमाचल में सरकारी नौकरी के लिए बदले नियम, वित्त विभाग की मंजूरी के बिना बलिदानी के आश्रितों को मिलेगी जॉब

By Yadvinder Sharma Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 05 Nov 2026 04:38 PM (IST)

हिमाचल सरकार ने बलिदानी सैनिकों और अर्द्धसैनिक बलों के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया सरल की है। अब ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. बलिदानी परिवारों को नौकरी में वित्त मंजूरी समाप्त।

  2. प्रशासनिक विभाग ही देगा सीधी रोजगार सहायता।

  3. शहीद आश्रितों को मिलेगी तेज और आसान नियुक्ति।

राज्य ब्यूरो, शिमला। देश की रक्षा और सुरक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों और अर्द्धसैनिक बलों के बलिदानी जवानों के परिवारों को नौकरी पाने के लिए अब सरकारी फाइलों के वित्त विभाग में अटकने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश सरकार ने बलदानियों के पात्र आश्रितों को रोजगार सहायता देने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए वित्त विभाग की बार-बार ली जाने वाली मंजूरी की व्यवस्था समाप्त कर दी है।

अब संबंधित प्रशासनिक विभाग ही निर्धारित शर्तें पूरी होने पर रोजगार सहायता देने के लिए सक्षम प्राधिकारी होगा। इससे शहीद परिवारों को समय पर राहत मिलने का रास्ता साफ होगा और नियुक्ति प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी कम होगी।

कार्मिक विभाग ने जारी किए निर्देश

प्रदेश सचिवालय के कार्मिक विभाग ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, मंडलायुक्तों, विभागाध्यक्षों, उपायुक्तों और बोर्डों-निगमों, सरकारी विश्वविद्यालयों व स्वायत्त संस्थाओं के प्रमुखों को निर्देश जारी किए हैं। 

लग रहा था लंबा समय

सरकार ने माना है कि प्रत्येक मामले में वित्त विभाग की अलग-अलग मंजूरी लेने के कारण आश्रितों के मामलों के निपटारे में लंबा समय लग रहा था। इससे शहीद परिवारों को समय पर सहायता नहीं मिल पा रही थी और प्रशासनिक स्तर पर भी अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा था। 

इसी समस्या को देखते हुए 23 अप्रैल 2016 को शहीद सैनिकों और चार जुलाई 2018 को अर्द्धसैनिक बलों के शहीद कर्मियों के आश्रितों के लिए जारी रोजगार नीति में संशोधन किया गया है।

इन पदों पर मिलेगी नियुक्ति

नए प्रविधान के तहत पात्र आश्रितों को उनकी शैक्षणिक योग्यता, पात्रता और संबंधित पद के भर्ती नियमों के अनुसार तृतीय श्रेणी  के सबसे निचले स्तर के पदों पर 'जाब ट्रेनी तथा चतुर्थ श्रेणी में 'मल्टी टास्क वर्कर' के रूप में रोजगार सहायता दी जाएगी। खास बात यह है कि भर्ती प्रक्रिया में छूट देकर रोजगार सहायता देने का अधिकार अब संबंधित प्रशासनिक विभाग को होगा। हालांकि, नीति में निर्धारित सभी अनिवार्य शर्तों का पूरा होना जरूरी रहेगा। कार्मिक विभाग ने इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

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