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हिमाचल सरकार प्लास्टिक मुक्त गांव को देगी इनाम, बेहतर प्रदर्शन वाली पंचायतों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

By Yadvinder Sharma Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 05 Oct 2026 06:36 AM (IST)

हिमाचल प्रदेश ने गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए एक नई योजना शुरू की है, जिसके तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. हिमाचल में प्लास्टिक मुक्त गांव योजना की हुई शुरुआत।

  2. बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को मिलेगा प्रोत्साहन और पुरस्कार।

  3. प्लास्टिक कचरा 75 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जाएगा।

यादवेन्द्र शर्मा, शिमला। हिमाचल प्रदेश को प्लास्टिक कचरे की पीड़ा से निजात दिलाने के लिए अब लड़ाई शहरों के साथ गांवों तक पहुंचेगी। पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग प्लास्टिक मुक्त गांव योजना तैयार की है। इसके तहत पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों को केवल सफाई के दावों पर नहीं, बल्कि प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के ठोस मानकों पर परखा जाएगा।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले गांवों को प्रोत्साहन और पुरस्कार दिए जाएंगे। योजना का उद्देश्य गांवों में प्लास्टिक को खुले में फेंकने, जलाने या नालियों और जलस्रोतों में पहुंचने से रोकना है।

पहाड़ी क्षेत्रों में प्लास्टिक का कचरा लंबे समय तक नष्ट नहीं होता और जंगलों, नालों, खड्डों तथा नदी-नालों में पहुंचकर पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।

पंचायतों को किया जाएगा प्रोत्साहित

प्रस्तावित योजना में पंचायतों को इस कचरे को संसाधन के रूप में वापस उपयोग की व्यवस्था खड़ी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पयार्वरण को प्रदूषित होने से बचाने और प्लास्टिक मुक्त गांव को लेकर विशेष निगरानी व्यवस्था रहेगी। 

निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत

प्रस्तावित निगरानी व्यवस्था में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम, स्रोत पर कचरे की छंटाई, घर-घर अथवा नियमित कचरा संग्रह, प्लास्टिक के सुरक्षित भंडारण और परिवहन, प्लास्टिक कचरा खुले में फेंकने व जलाने पर रोक तथा गांव के सार्वजनिक स्थानों, जलस्रोतों और आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता को शामिल किया गया है। इसके अलावा लगातार सामुदायिक भागीदारी भी अहम मानक होगी। पुरस्कार की श्रेणीवार राशि अभी आधिकारिक रूप से तय व घोषित नहीं की गई है।

75 रुपये किलो की दर से प्लास्टिक कचरे की खरीद

सरकार प्लास्टिक कचरे को आर्थिक मूल्य देने के लिए बाय-बैक नीति भी चला रही है। शिमला नगर निगम के पायलट में पात्र प्लास्टिक कचरे की खरीद 75 रुपये प्रति किलो की दर से की जा रही है। इसे अब ग्रामीण क्षेत्र में व्यापक तौर पर चलाने की योजना है।कुछ क्षेत्रों में चलाई भी जा रही है। जिसके तहत एकत्र प्लास्टिक को उचित उपयोग के लिए भेजा जाएगा और इसके संभावित उपयोगों में सड़क निर्माण में बिटुमिन के साथ प्रोसेस्ड प्लास्टिक का इस्तेमाल भी शामिल है।

प्रदेश में 3758 पंचायतें, 20690 गांव

प्रदेश में कुल 3758 पंचायतें  और इनमें कुल 20690 गांव हैं। इन गांव में से 15201 गांव में ठोस कचरा प्रबंधन और 15965 गांव में तरल कचरा प्रबंधन के  चालू होने का दावा किया जाता है।  ग्रामीण क्षेत्रों में कचो की छंटाई के लिए 774  सेग्रीगेशन शेड  यानी पृथक्करण शेड बनाए गए हैं। 55 के करीब प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन यूनिट संचालित हैं।

हिमाचल को प्लास्टिक और कचरा मुक्त बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। शहरों के अलावा अब ग्रामीण क्षेत्रों में फैल रहे कचरे को रोकने के लिए प्लास्टिक मुक्त गांव योजना को शुरू किया जा रहा है। शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी और समीक्षा को सख्त किया गया है।
-डा. पुष्पेंद्र राणा, निदेशक, पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग।

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