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'फोरलेन पर बिना परमिट नहीं चलेंगी बसें', भेदभाव पर हिमाचल हाई कोर्ट सख्त; RTO और SP को कार्रवाई का आदेश

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 07 Nov 2026 12:01 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने बिलासपुर में फोरलेन मार्ग पर बिना वैध परमिट के चल रही बसों पर संज्ञान लिया ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने फोरलेन पर बस संचालन को लेकर आदेश जारी किए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने फोरलेन पर बस संचालन को लेकर आदेश जारी किए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने बिना वैध परमिट बसों पर संज्ञान लिया।

  2. आरटीओ, एसपी बिलासपुर को फोरलेन पर कार्रवाई के निर्देश।

  3. निजी, सरकारी बसों को परमिट के बिना अनुमति नहीं।

विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने बिलासपुर जिले में नौणी से शुरू होने वाले फोरलेन मार्ग पर बिना वैध परमिट के बसें चलाने के मामले पर संज्ञान लिया है। कोर्ट ने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि फोरलेन पर किसी भी निजी या सरकारी बस को तब तक चलने की अनुमति न दी जाए जब तक उनके पास इसके लिए वैध रूट परमिट न हो।

न्यायाधीश संदीप शर्मा ने तारा देवी, रंजीत सिंह और अन्य निजी बस आपरेटरों द्वारा दायर याचिकाओं का निपटारा करते हुए यह आदेश जारी किया। 

याचिकाकर्ताओं का आरोप

याचिकाकर्ता निजी बस ऑपरेटर्स का आरोप था कि क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण ने आठ अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर उन्हें फोरलेन का उपयोग करने से रोक दिया था। उनका आरोप था कि प्रशासन 'पिक एंड चूज' (भेदभावपूर्ण) नीति अपना रहा है, क्योंकि उनके साथ एचआरटीसी, सीटीयू, पंजाब और हरियाणा रोडवेज की बसों के पास भी फोरलेन का परमिट नहीं है, लेकिन उन्हें वहां चलने की छूट दी जा रही थी। याचिकाकर्ताओं के परमिट के अनुसार उन्हें स्वारघाट, गंभोलापुर, कल्लर और पंजपीरी के पुराने रास्ते से जाना अनिवार्य है।

कोर्ट में सरकार का पक्ष

सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि नवंबर 2024 से सभी आपरेटर बिना परमिट के फोरलेन का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके कारण पुराने रूट के ग्रामीण बस सेवा से वंचित हो गए थे। ग्रामीणों ने इसकी आनलाइन शिकायत मुख्यमंत्री से की, जिसके बाद उपायुक्त बिलासपुर के निर्देश पर नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के चालान काटे। 

आरटीओ और एसपी को निर्देश

हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और राज्य सरकार नियमों को लागू करने में भेदभाव नहीं कर सकती। कोर्ट ने कहा कि आरटीओ और पुलिस अधीक्षक बिलासपुर यह सुनिश्चित करें कि बिना वैध परमिट के कोई भी सरकारी या निजी बस फोरलेन पर न चले। 

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