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'500 ML पानी की बोतल पर सिर्फ सरकारी कार्यक्रमों में ही प्रतिबंध', हिमाचल हाई कोर्ट ने स्पष्ट की स्थिति

By Rohit Nagpal Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 05 Nov 2026 05:04 PM (IST)

हिमाचल हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि 500 मिलीलीटर तक की पीईटी प्लास्टिक पानी की बोतलों पर प्रतिबंध केवल सरकारी कार्यक्रमों और होटलों तक ही सीमित है।

हिमाचल हाई कोर्ट ने 500 एमएल पानी की बोतल पर बैन क संबंध में स्थिति स्पष्ट की है।

हिमाचल हाई कोर्ट ने 500 एमएल पानी की बोतल पर बैन क संबंध में स्थिति स्पष्ट की है।

HighLights

  1. 500 मिलीलीटर बोतल प्रतिबंध केवल सरकारी कार्यक्रमों पर लागू।

  2. निजी आयोजनों, होटलों में बोतलों के उपयोग पर रोक नहीं।

  3. हाई कोर्ट ने सरकार की अधिसूचना का अध्ययन कर स्पष्ट किया।

विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राज्य में 500 मिलीलीटर तक की पीईटी प्लास्टिक पानी की बोतलों पर प्रतिबंध केवल सरकारी कार्यक्रमों और सरकारी होटलों तक ही सीमित है, निजी आयोजनों पर नहीं। कोर्ट ने कहा कि निजी होटलों में आम जनता या गैर-सरकारी कार्यक्रमों के लिए इन बोतलों के इस्तेमाल पर कोई रोक नहीं है।

न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और न्यायाधीश योगेश जसवाल की खंडपीठ ने मैसर्स साईं मेट्रो सेल्स द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए यह स्पष्ट किया।

निजी होटलों में रोक के विरोध में दायर की है याचिका

याचिकाकर्ता ने अदालत में दलील दी कि सरकार की 29 मार्च 2025 की अधिसूचना के बाद निजी होटलों में भी 500 मिलीलीटर तक की पानी की बोतलों की बिक्री पर रोक लगाई जा रही है, जोकि गलत है। 

अधिसूचना के अध्ययन के बाद कोर्ट की टिप्पणी

कोर्ट ने अधिसूचना का अध्ययन करने के बाद साफ किया कि यह प्रतिबंध केवल सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और अन्य राज्य संगठनों की इनडोर आधिकारिक बैठकों, सम्मेलनों, कार्यक्रमों और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटलों पर लागू होता है।

यदि कोई सरकारी विभाग किसी निजी होटल में बैठक या कान्फ्रेंस करता है तो वहां 500 मिलीलीटर तक की बोतलों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। लेकिन अगर निजी होटल में कोई शादी, पार्टी या गैर-सरकारी कार्यक्रम हो रहा है तो वहां इन बोतलों के इस्तेमाल पर कोई पाबंदी नहीं है।

सरकार ने जताई सहमति पर मांगा समय

सरकार ने कोर्ट की इस बात से शुरुआती सहमति जताई। हालांकि, उन्होंने इस बात की पुष्टि करने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा है कि क्या इस अधिसूचना के बाद कोई अन्य सप्लीमेंट्री आदेश तो जारी नहीं किया है। हाई कोर्ट ने महाधिवक्ता को इस संबंध में उचित निर्देश और जानकारी जुटाने का समय देते हुए मामले की सुनवाई 19 नवंबर को तय की है।

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