हिमाचल में सुबह-शाम की ठंड में बढ़ सकती है सांस की परेशानी, युवा भी आ सकते हैं चपेट में; बरतें ये सावधानी
हिमाचल में सुबह-शाम की ठंड और मौसम में बदलाव से सांस संबंधी परेशानी बढ़ सकती है, खासकर अस्थमा और एलर्जी पीड़ितों के लिए।

हिमाचल प्रदेश में सुबह-शाम की ठंड सांस में दिक्कत बढ़ा सकती है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
ठंड और मौसम बदलाव से सांस की परेशानी बढ़ी।
अस्थमा और एलर्जी पीड़ित ठंड में विशेष सावधानी बरतें।
घर साफ रखें, धूल-एलर्जी कारकों से बचें।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में सुबह-शाम बढ़ रही ठंड और मौसम में बदलाव से सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। अस्थमा और एलर्जी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। डॉक्टर आरएस नेगी ने बताया कि ठंडी हवा और तापमान में उतार-चढ़ाव कुछ लोगों में सांस लेने की दिक्कत बढ़ा सकते हैं। मरीज एलर्जी बढ़ाने वाले कारकों से दूरी रखें।
उन्होंने कहा कि घर की धूल एलर्जी और अस्थमा के प्रमुख कारणों में है। कालीन और पालतू जानवरों के बाल भी कुछ लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकते हैं। घर को साफ-सुथरा और हवादार रखें तथा पर्याप्त धूप आने दें, ताकि धूल और नमी से जुड़ी दिक्कतें कम हों।
20 से 40 वर्ष के लोगों को भी हो सकती है दिक्कत
सांस की समस्या केवल धूमपान करने वालों तक सीमित नहीं है। 20 से 40 वर्ष की उम्र के लोगों में इसके कई कारण हो सकते हैं। इनमें बचपन से अस्थमा, जन्मजात समस्याएं और टीबी या काली खांसी जैसे संक्रमणों से फेफड़ों को पहुंचा स्थायी नुकसान शामिल है।
बरतें ये सावधानी
डॉक्टर नेगी के अनुसार, अधिक ठंड या खराब मौसम में बाहर निकलते समय सावधानी बरतें। जरूरत पड़ने पर मास्क लगाएं और एलर्जी बढ़ाने वाले कारकों से बचें। सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें। मौसम के बदलाव के दौरान सावधानी और एलर्जी के कारणों की पहचान से लक्षणों को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
यह भी पढ़ें: नवरात्र का शुभ मुहूर्त: एक घंटे में बिक गई 100 गाड़ियां, हिमाचल में 10000 वाहन बिकने का अनुमान; टैक्स में भी राहत
