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दीपावली से पहले हिमाचल कैबिनेट की बैठक तय, बड़ी राहत देने की तैयारी में सुक्खू सरकार; अहम फैसलों पर लगेगी मुहर

By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 04 Nov 2026 04:48 PM (IST)Updated: Wed, 04 Nov 2026 05:34 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश सरकार दीपावली से पहले 7 नवंबर को कैबिनेट बैठक करने जा रही है। बैठक में कर्मचारियों को 5% ...और पढ़ें

दीपावली से पहले हिमाचल कैबिनेट बैठक होगी। जागरण आर्काइव

दीपावली से पहले हिमाचल कैबिनेट बैठक होगी। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. कर्मचारियों-पेंशनरों को 5% महंगाई भत्ता मिलने की संभावना।

  2. 50 हजार सरकारी नौकरियों पर कैबिनेट की मुहर।

  3. नई औद्योगिक नीति और शीतकालीन सत्र पर चर्चा।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में दीपावली से पहले राज्य सरकार कर्मचारियों, पेंशनरों और आम जनता को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। इसी कड़ी में 7 नवंबर को राज्य सचिवालय में कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित होने की प्रबल संभावना है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में प्रस्तावित इस बैठक में कर्मचारियों व पेंशनरों को 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) जारी करने के साथ-साथ समाज के अन्य वर्गों के लिए भी राहत भरे फैसलों पर विचार किया जा सकता है।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री की ओर से बजट में की गई घोषणाओं को धरातल पर उतारने और विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने के प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिल सकती है।

50 हजार रोजगार का लक्ष्य: शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भर्तियां

प्रदेश सरकार ने आगामी दिसंबर माह तक राज्य के युवाओं को 50 हजार सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए कैबिनेट बैठक में शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य प्रमुख विभागों में खाली पदों को भरने और आवश्यकतानुसार नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी जा सकती है। इससे लंबे समय से भर्ती प्रक्रियाओं का इंतजार कर रहे युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।

धर्मशाला में शीतकालीन सत्र और अहम संशोधन विधेयक

बैठक में 16 से 21 नवंबर के बीच धर्मशाला के तपोवन परिसर में आयोजित होने वाले आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र की रूपरेखा भी तय की जाएगी। छह बैठकों वाले इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक सदन के पटल पर रखने जा रही है, जिनके मसौदों को इस कैबिनेट बैठक में औपचारिक मंजूरी दी जा सकती है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल का यह अंतिम शीतकालीन सत्र होगा, जबकि अगला सत्र नई सरकार के गठन के पश्चात आयोजित होगा।

नई औद्योगिक नीति से निवेशकों को लुभाने की तैयारी

राज्य में आर्थिक गतिविधियों को गति देने और निजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से सरकार की नई औद्योगिक नीति भी जल्द लागू होने जा रही है। यदि उद्योग विभाग स्तर पर नीति के प्रारूप को अंतिम रूप दे दिया जाता है, तो 7 नवंबर की बैठक में इसे मंजूरी मिल सकती है। इस नीति में निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए कई तरह की रियायतें, वित्तीय छूट और सुगम अनुमतियों के प्रावधान शामिल किए जाने की संभावना है।

डॉक्टर्स का स्टाइपेंड और वेटनरी सहायकों के मुद्दों पर चर्चा

बैठक में विभिन्न विभागीय मामलों के समाधान के लिए गठित मंत्रिमंडलीय उपसमितियों की सिफारिशों पर भी मुहर लग सकती है। इसके तहत जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर्स के लंबे समय से लंबित स्टाइपेंड को जारी करने पर निर्णय लिया जा सकता है। पंचायत वेटनरी सहायकों के अनुबंध विस्तार और वेतनवृद्धि (मानदेय वृद्धि) से जुड़े मामलों पर विचार-विमर्श के बाद सहमति बनने की उम्मीद है। हाल के दौरों के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा जनहित में की गई विभिन्न प्रशासनिक और वित्तीय घोषणाओं को औपचारिक स्वीकृति दी जाएगी।

'सरकार गांव के द्वार' और शीतकालीन प्रवास की रूपरेखा

विधानसभा सत्र की समाप्ति के बाद मुख्यमंत्री और सरकार के शीतकालीन प्रवास को लेकर भी कैबिनेट में अनौपचारिक चर्चा हो सकती है। सरकार अपने महत्वाकांक्षी कार्यक्रम सरकार गांव के द्वार के जरिए दूरदराज के क्षेत्रों में सीधे जनता से संवाद स्थापित करने की तैयारी कर रही है। प्रवास के दौरान जहां आम लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाएगा, वहीं कई विकास योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास भी प्रस्तावित हैं। हालांकि, इस कार्यक्रम के विस्तृत शेड्यूल पर अंतिम निर्णय सरकारी स्तर पर आगामी दिनों में लिया जाएगा।

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