हिमाचल कैबिनेट बैठक: सरकारी नौकरियों पर बड़ा फैसला संभव, 150 एजेंडा आइटम शामिल; दो मंत्री नदारद
हिमाचल प्रदेश सचिवालय में सुक्खू मंत्रिमंडल की बैठक में करीब 150 एजेंडा आइटम पर चर्चा हुई, भर्ती जैसे महत्वपूर्ण निर्णय अपेक्षित हैं।

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक सीएम सुक्खू की अध्यक्षता में शुरू हुई। जागरण आर्काइव
HighLights
शिक्षा विभाग में 4000 पद भरने पर निर्णय अपेक्षित।
जल शक्ति विभाग में मल्टी टास्क वर्कर्स की भर्ती।
नई पोषण नीति को मंजूरी मिलने की उम्मीद।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश सचिवालय में सुक्खू मंत्रिमंडल की बैठक शनिवार सुबह 11 बजे शुरू हुई। लंबे अंतराल के बाद हो रही इस बैठक में करीब 150 एजेंडा आइटम आने की जानकारी है। बैठक में शिक्षा विभाग में करीब चार हजार पद भरने, जलशक्ति विभाग में मल्टी टास्क वर्कर्स की भर्ती और नई पोषण नीति को मंजूरी देने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय होने की उम्मीद है।
बैठक शुरू होने तक तीन मंत्री सचिवालय नहीं पहुंचे थे। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह बैठक शुरू होने के बाद पहुंचे। वहीं, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर बैठक में नहीं पहुंचे।
सुबह चंडीगढ़ से पहुंचे सीएम
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू शनिवार सुबह करीब आठ बजे चंडीगढ़ से शिमला पहुंचे। उन्होंने सचिवालय में लोगों से मुलाकात भी की। शनिवार को अवकाश होने के बावजूद मंत्रिमंडल की बैठक के चलते सचिवालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की आवाजाही शुरू हो गई। बैठक में शामिल होने वाले प्रस्तावों को लेकर विभागीय स्तर पर भी हलचल रही।
20 एजेंडा सुबह पहुंचे
सूत्रों के अनुसार, करीब 150 एजेंडा आइटम बैठक के लिए आने की जानकारी है। इनमें से लगभग 20 प्रस्ताव सुबह ही कैबिनेट के लिए भेजे जाने की बात सामने आई है। हालांकि, सभी प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय मंत्रिमंडल की कार्यवाही पर निर्भर करेंगे।
भर्तियों और पोषण नीति पर टिकी निगाहें
मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा विभाग में करीब चार हजार शिक्षकों के पद भरने के प्रस्ताव पर विशेष नजर रहेगी। इसके अलावा जल शक्ति विभाग में मल्टी टास्क वर्कर्स के पदों को भरने और नई पोषण नीति को मंजूरी देने जैसे विषय भी एजेंडे में शामिल बताए जा रहे हैं। इन प्रस्तावों पर निर्णय होने से रोजगार और विभागीय योजनाओं से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।
दो बार स्थगित हुई बैठक
इससे पहले दो बार मंत्रिमंडल की बैठक स्थगित हो चुकी है। ऐसे में इस बैठक में लंबित प्रस्तावों पर निर्णय को लेकर कर्मचारियों, बेरोजगार युवाओं और विभिन्न विभागों की निगाहें टिकी हुई हैं।
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