भावना देश के लिए जीत रही थी मेडल, माता-पिता खेत में बहा रहे थे पसीना; मोबाइल पर देखा बेटी का गोल्डन प्रदर्शन
जापान में हुए एशियाई खेलों में हिमाचल के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। महिला कबड्डी टीम ने स्वर्ण पदक जीता, जिसमें चार हिमाचली बेटियां शामिल थीं।

कबड्डी खिलाड़ी भावना ठाकुर और खेत में बेटी का मैच देखते परिवार के सदस्य।
HighLights
महिला कबड्डी टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता।
हिमाचल की चार बेटियों ने टीम को जीत दिलाने में योगदान दिया।
सावन बरवाल ने मैराथन में रजत पदक और राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
जागरण टीम, धर्मशाला। जब मंडी की भावना ठाकुर जापान के मैदान में पसीना बहा रही थी उस समय उसके स्वजन खेतों में लहसुन की बिजाई कर रहे थे। स्वजन ने खेत में ही मोबाइल फोन के माध्यम से बेटी के प्रदर्शन को देखा। जैसे ही बेटियों ने सशक्त ईरान की टीम को हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया तो भावना के पिता प्रेम सिंह खेत में ही नाचने लगे।
जापान के आइची नगोया में एशियाई खेलों में शुक्रवार का दिन देश के साथ हिमाचल के लिए गौरव के पल लाया जब हिमाचल की चार बेटियों से सजी भारत की महिला कबड्डी टीम ने मजबूत प्रतिद्वंद्वी ईरान को बेहद करीबी मुकाबले में हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया।
सावन बरवाल ने बनाया रिकॉर्ड
जोगेंद्रनगर के रहने वाले धावक सावन बरवाल ने पुरुषों की मैराथन स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। यही नहीं सावन ने दो घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बना दिया, एशियन खेलों में इस स्पर्धा में देश को 44 साल बाद यह मेडल मिला है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में निखरीं खिलाड़ी
शिलाई की पुष्पा राणा, मंडी की भावना और कंडाघाट की ज्योति ठाकुर ने अपनी प्रतिभा को साई हॉस्टल धर्मशाला के सेंटर आफ एक्सीलेंस में निखारा है। शिलाई की रितु नेगी की कप्तानी में वर्ष 2023 में चीन में हुए एशियाई खेलों में भी भारत ने महिला कबड्डी का स्वर्ण पदक जीता था।
चंबा की सीमा ने बढ़ाया मान
दो दिन पहले ही चंबा की सीमा कुमारी ने 10 हजार मीटर की दौड़ में कांस्य पदक जीत कर हिमाचल का मान बढ़ाया है। सीमा अब पांच हजार मीटर दौड़ में भी हिस्सा ले रही हैं। सीमा के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद कबड्डी में बेटियों की उपलब्धि सोने सी चमकी है।
सभी खिलाड़ी आम घरों से
इन खिलाड़ियों की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सभी खिलाड़ी आम घरों से निकले हैं। इन्होंने अपने दम पर संघर्ष कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाई है। इन परिवारों की जीवटता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद तंग रहकर बच्चों की प्रतिभा निखारने में हरसंभव प्रयास किए हैं।
पुष्पा के पिता ने बांटी स्कूल में मिठाई
उधर, पुष्पा राणा के शिक्षक पिता जयपाल राणा ने बेटियों की जीत के बाद बच्चों को मिठाई बांटी। बेटियों की जीत पर आज हर हिमाचल उत्साहित है। कहीं आतिशबाजी की गई वहीं मिठाई बांटकर खुशी जताई गई। उधर, सावन बरवाल के घर पर भी बधाई देने के लोग पहुंच रहे हैं।
