हिमाचल की भावना के अभेद्य डिफेंस से एशियाई खेलों में भारत फिर बना कबड्डी चैंपियन, आखिरी पलों में मोड़ दिया मैच का रुख
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ...और पढ़ें

हिमाचल के मंडी की कबड्डी खिलाड़ी भावना ठाकुर।
HighLights
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण जीता।
भावना ठाकुर के डिफेंस ने ईरान के खिलाफ मैच का रुख मोड़ा।
हिमाचल की बेटियों ने टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विशाल वर्मा, पंडोह (मंडी)। जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 के खिताबी मुकाबले में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने इतिहास रचते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने ईरान की मजबूत टीम को करारी शिकस्त दी। इस ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी स्टार हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला की भावना ठाकुर रहीं, जिनके शानदार और आक्रामक डिफेंस ने विरोधी टीम के रेडरों को टिकने नहीं दिया।
ईरान के खिलाफ भावना का अभेद्य किला
फाइनल मैच में शुरू से ही दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। ईरान की रेडर लगातार अंक चुराने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन राइट कॉर्नर पर तैनात भावना ठाकुर ने हर हमले को नाकाम कर दिया। मैच के निर्णायक पलों में जब स्कोर काफी नजदीकी था, तब भावना ने लगातार दो सफल सुपर टैकल कर मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। उनके अभेद्य डिफेंस के आगे ईरानी टीम का आक्रमण पूरी तरह बिखर गया।
हिमाचल की बेटियों का दबदबा
इस स्वर्णिम जीत में हिमाचल की तिकड़ी का अहम योगदान रहा। सिरमौर की पुष्पा राणा ने टीम की कप्तानी संभालते हुए बेहतरीन रणनीति दिखाई, वहीं सोलन की ज्योति ठाकुर ने रेडिंग में ताबड़तोड़ अंक जुटाए। भावना ठाकुर के डिफेंस के साथ मिलकर इन तीनों बेटियों ने पूरे टूर्नामेंट में दबदबा बनाए रखा।
गांव बैला में जश्न का माहौल
गोहर उपमंडल के बैला गांव की साधारण पृष्ठभूमि से निकलीं भावना ठाकुर की इस कामयाबी के बाद उनके पैतृक गांव और पूरे मंडी जिले में दिवाली जैसा माहौल है। जीत की घोषणा होते ही ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटीं और ढोल-नगाड़ों की थाप पर जश्न मनाया।
मंडी जिला कबड्डी संघ के सचिव नेत्र सिंह ठाकुर ने कहा कि भावना के शानदार डिफेंस ने न केवल देश को गोल्ड दिलाया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि हिमाचल की बेटियों में प्रतिभा और हौसले की कोई कमी नहीं है।
