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हिमाचल में हाई कोर्ट के फैसले तक नियमित नहीं होंगे सीबीएसई स्कूलों में तैनात शिक्षक, सरकार ने स्पष्ट की स्थिति

By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 05 Oct 2026 04:08 PM (IST)Updated: Mon, 05 Oct 2026 04:46 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में करीब एक हजार अस्थायी शिक्षकों का नियमितीकरण हाई कोर्ट के अंतिम फैसले तक रुका रहेगा।

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का परिसर। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का परिसर। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. सीबीएसई स्कूलों के अस्थायी शिक्षकों का नियमितीकरण हाई कोर्ट के अधीन।

  2. शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया, नियुक्तियों पर स्थायी अधिकार नहीं होगा।

  3. हाई कोर्ट का अंतिम निर्णय नीति के खिलाफ होने पर प्रभाव संभव।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में करीब एक हजार अस्थायी शिक्षक हाई कोर्ट के फैसले तक नियमित नहीं होंगे। शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति हाई कोर्ट में लंबित मामले के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। नियुक्ति से संबंधित किसी भी व्यक्ति को नियमित नियुक्ति या कोई अन्य समानता आधारित अधिकार मिलने का दावा नहीं होगा।

हाई कोर्ट ने 26 अगस्त 2026 को बाल कृष्ण बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार एवं अन्य मामले में सुनवाई करते हुए निर्देश दिया था कि संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत बनाए गए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों से हटकर विवादित नीति के तहत की गई नियुक्तियां याचिका के अंतिम परिणाम के अधीन रहेंगी।

समानता आधारित अधिकार पैदा नहीं होगा

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि ऐसी नियुक्ति से किसी व्यक्ति के पक्ष में कोई समानता आधारित अधिकार पैदा नहीं होगा। इसी आदेश के अनुपालन में निदेशक स्कूल शिक्षा हिमाचल प्रदेश ने कार्यालय आदेश जारी किया है। इसमें नीति के तहत नियुक्त सभी अभ्यर्थियों को हाई कोर्ट के आदेश की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। 

फैसला आने तक नियुक्ति पर स्थायी अधिकार नहीं

यानी अभी नियुक्ति हुई है, लेकिन हाई कोर्ट का फैसला आने तक उस पर कोई स्थायी अधिकार नहीं माना जाएगा। यदि हाई कोर्ट का अंतिम निर्णय नीति के खिलाफ जाता है तो संबंधित नियुक्तियों पर उसका प्रभाव पड़ सकता है।

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